नारनौल। विजिलेंस टीम ने भ्रष्टाचार के आरोपी तहसीलदार रोहताश सिंह के परिजनों को उनके गांव खांचरौली, झज्जर स्थित आवास के पते पर नोटिस जारी कर 24 सितंबर तक पेश होने का आदेश दिया है। विजिलेंस ने यह नोटिस 22 सितंबर को जारी किया।
इसके अलावा टीम ने जींद के उपायुक्त को मेल भेजी है, ताकि वे तहसीलदार को सरेंडर करने के लिए निर्देश जारी करें। वर्तमान में आरोपी जींद की अलेवा तहसील में तैनात है। तहसीलदार पर ड्यूटी के बाद 71 लाख 50 हजार 500 रुपये का घोटाला करने और सरकार को 22 लाख 51 हजार रुपये का चूना लगाने का आरोप है। आरोपी तहसीलदार ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका लगाई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। अब वह पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। (संवाद)
तहसीलदार रोहताश सिंह पर ये हैं आरोप
आरोपी तहसीलदार रोहताश सिंह मार्च 2017 से अक्तूबर 2017 तक नारनौल में तैनात रहे। तत्कालीन उपायुक्त ने 25 जुलाई 2017 को उन्हें महेंद्रगढ़ का अतिरिक्त कार्यभार दिया था। तहसीलदार ने स्थानीय प्रॉपर्टी डीलर रामकिशन उर्फ जीवन निवासी मेघनास से मिलीभगत करके 300 रुपये प्रति गज बतौर रिश्वत लेकर भारतीय स्टांप एक्ट नंबर 10, वर्ष 2000 के आर्टिकल 55बी का हवाला देकर नौ रिलीज डीड को 21 अगस्त 2017 को ड्यूटी ऑफ होने के बाद शाम 6 बजे सेल डीड के रूप में पंजीकृत कर दिया था। इन सभी डीड पर महेंद्रगढ़ निवासी प्रमोद कुमार नंबरदार के हस्ताक्षर थे। कुछ रजिस्ट्रियों पर शाम छह बजे के बाद हस्ताक्षर किए गए थे। सभी वसीकाओं की कुल जमीन 19 कनाल 8 मरला (23835 वर्ग गज) बनती है। आरोप है कि तहसीलदार ने इतनी जमीन की सेल डीड करने के लिए 300 रुपये प्रति गज के हिसाब से 71 लाख 50 हजार 500 रुपये बतौर रिश्वत के लिए थे। आरोपी पर कुल 22 लाख 51 हजार 743 रुपये की स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस चोरी करने का भी आरोप है।
महेंद्रगढ़ के तत्कालीन एसडीएम विक्रम सिंह ने तहसीलदार रोहतास सिंह द्वारा की गई पंजीकृत वसीकाओं के संबंध में हलका गिरदावर व पटवारियों से रिपोर्ट ली थी। जांच करने पर पाया गया कि तहसीलदार द्वारा पंजीकृत सभी वसीकाओं में राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार कृषि योग्य भूमि (चाही) दर्शाई हुई है, जबकि कृषि भूमि के लिए जिला योजनाकार विभाग से एनओसी अनिवार्य है।
जांच में आरोप हुए तय
जांच में रोहताश सिंह पर आरोप तय हो गए हैं। तहसीलदार को जानबूझकर अपने पद का दुरुपयोग करके और रामकिशन उर्फ जीवन और प्रमोद नंबरदार से आपराधिक साजिश रचकर भ्रष्टाचार में संलिप्त पाया गया है। इन तीनों के खिलाफ नारनौल विजिलेंस ने 19 जुलाई 2022 को भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था।
जमानत याचिका खारिज, विजिलेंस गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी
आरोपी तहसीलदार ने नारनौल न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी, जहां से खारिज होने के बाद उसने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। पांच सितंबर को वहां भी उसकी जमानत याचिका खारिज हो गई है। विजिलेंस टीम उसे गिरफ्तार करने के लिए जगह-जगह छापे मार रही है लेकिन अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। टीम की ओर से परिजनों को दो बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
वर्जन
अभी तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। मामले में आरोपी तहसीलदार रोहताश के आवास के पते पर दूसरा नोटिस जारी किया है और 24 सितंबर तक पेश होने के आदेश दिए गए हैं, जबकि रामकिशन उर्फ जीवन और नंबरदार प्रमोद को लेकर तफ्तीश की जा रही है।
- नवलकिशोर शर्मा, विजिलेंस, इंचार्ज नारनौल