संवाद न्यूज एजेंसी
महेंद्रगढ़। आगामी 30 जून को शुक्र उदय होंगे और इसके साथ ही शाद-विवाह समेत अन्य मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। गुरु व शुक्र के अस्त होने के कारण मांगलिक कार्यों पर विराम लग गया था।
ज्योतिषाचार्य पं. राहुल भारद्वाज गढ़ी ने बताया कि नवग्रह में देवताओं के गुरु बृहस्पति और दैत्यों के गुरु शुक्र का विशेष महत्व है। इन दोनों ही ग्रहों की स्थिति में बदलाव का असर मांगलिक और शुभ कार्यों पर भी पड़ता है। गुरु और शुक्र के अस्त होने से मांगलिक कार्य बंद हो जाते हैं। कोई भी शुभ मांगलिक कार्यों में इनका उदय रहना बहुत ही जरूरी है।
बताया कि तीन महीने के लंबे अंतराल के बाद धन, वैभव, प्रेम, सुख-समृद्धि के कारक शुक्र का 30 जून की रात 9:43 पर पश्चिम दिशा में उदय होंगे। गुरु पहले ही 2 जून को उदय हो चुके हैं। शुक्र के उदय होते ही शादी-विवाह के साथ ही नामकरण, जनेऊ, मुंडन, गृहप्रवेश, भूमि पूजन, भवन, वाहन, आभूषण की खरीदारी शुरू हो जाएगी।
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ये रहेंगे विवाह के शुभ मुहूर्त
पं. भारद्वाज ने बताया कि जुलाई में 9, 11, 12, 13, 14 और 15 को विवाह के शुभ मुहूर्त रहेंगे। फिर 17 जुलाई को देवशयनी एकादशी को चातुर्मास आरंभ हो जाएगा यानी देव सो जाएंगे और 4 महीने के लिए फिर से मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा।