नारनौल। शहर के विकास कार्यों को लेकर सोमवार को बुलाई नगर परिषद हाउस की बैठक हंगामेदार रही। बैठक की अध्यक्षता चेयरपर्सन कमलेश सैनी ने की। बैठक में पार्षदों ने पिछले डेढ़ साल में विकास कार्य न होने पर नाराजगी जाहिर की। इस दौरान दो घंटे तक किसी एजेंडे पर चर्चा नहीं हो सकी। पार्षदों ने शहर की सफाई, डोर टू डोर कूड़ा उठान, स्ट्रीट लाइट, विकास के कार्यों को लेकर बात रखी, जिसका जवाब अधिकारियों के पास भी नहीं था। बैठक में सर्वसम्मति से पार्षदों ने पिछली बैठक की पुष्टि न करते हुए डोर टू डोर कूड़ा उठान, गोवंश पकड़ने का टेंडर रद्द करने, छलक नाले के हुए टेंडर के काम की पेमेंट रोकने के प्रस्ताव पारित किए। इस पर एक्सईएन सुंदर सिंह ने तीन पार्षदों की कमेटी बनाकर साइन कराने की बात कही, जिस पर पार्षदों ने सहमति जताई।
एक्सईएन ने बताया कि ठेकेदार को नियम के अनुसार नोटिस देकर टेंडर प्रक्रिया रद्द करवा दी जाएगी, क्योंकि इसके टेंडर के लिए भी हाउस ने ही प्रस्ताव परित किया था। पार्षदों ने कहा कि पशु पकड़ने के लिए भी ठेकेदार द्वारा बड़ी क्रूरता से पशु पकड़े जा रहे हैं, जिससे उनकी मौत हो रही है। इसके अलावा पार्षदों ने छलक नाले निर्माण ठेकेदार की पेमेंट रोकने का प्रस्ताव दिया।
बैठक में पार्षदों ने चेतावनी दी कि यदि इस बार की बैठक के बाद भी उनके वार्डों में काम नहीं हुए तो वह सभी प्रधान सहित दरी बिछाकर धरना देने को मजबूर होंगे। बैठक में पार्कों के रख-रखाव, प्रॉपर्टी आईडी में गड़बड़ व अप्रूव्ड व अन-अप्रूव्ड स्थान के मुद्दे भी छाए रहे। दो घंटे की चर्चा के बाद जारी किए गए एजेंडों पर चर्चा हुई, जिसे पारित कर दिया गया। बैठक में उपप्रधान संजय यादव, नितिन चौधरी, मोहनलाल, अमर सिंह, देवेंद्र, टिंकू, अजय सिंघल, संदीप जैन, कपिल, सिकंदर, काशीराम के अलावा ईओ सुमनलता, एक्सईएन सुंदर सिंह, जेई विकास मौजूद रहे।
बैठक में ईओ सुमनलता ने एजेंडा पढ़ना शुरू किया तो सबसे पहले पिछली बैठक की पुष्टि के लिए बोला, जिस पर पार्षदों ने इनकार कर दिया और बैठक रद्द करने का प्रस्ताव रख दिया। पार्षदों ने कहा कि पिछली बैठक में 22 लाख रुपये टेंट के खर्च की जानकारी मांगी गई थी, उसे नहीं दिया गया। उस राशि को हमसे पास करवा दिया गया। तब से लेकर आज तक हमारे काम नहीं हुए, लेकिन अधिकारियों ने टेंट खर्च के बिल पास करवा लिए। जब हमारे काम नहीं हुए तो उस बैठक को इस पेमेंट वापस लेने सहित रद्द किया जाए। इसे भी प्रस्ताव में नोट किया गया। ईओ ने कहा कि दो-तीन पार्षदों की कमेटी बना दो, उनको वाउचर दिखा दिए जाएंगे। इस पर पार्षद इंकार कर गए।
एक-दूसरे का मुंह देखते रहे अधिकारी
पार्षदों ने पुलिस लाइन के पास बिजली के खंभे हटाने को लेकर पेमेंट न होने का कारण पूछा तो अधिकारियों के पास इसका जवाब नहीं था। अधिकारी एक-दूसरे का मुंह देखते नजर आए। पार्षदों का आरोप था कि जो एजेंडे उन्होंने लिखकर दिए थे, उनको शामिल ही नहीं किया गया।
20 लाख की बजाय 35-40 लाख के बनाए एस्टीमेट
पार्षदों ने बताया कि फाइनेंस एंड कांट्रेक्ट कमेटी की बैठक में हर वार्ड में 20-20 लाख रुपये के काम पारित हुए थे, लेकिन जेई ने एस्टीमेट कही 25 लाख तो कहीं 30 से 40 लाख के बना दिए। इसके चलते कमेटी ने साइन करने से मना कर दिया। कमेटी ने इसे ठीक करने या दूसरे काम के लिए बोला था, लेकिन अब तक नहीं नहीं हुए। पार्षदों ने एफसीसी द्वारा पारित 80 काम के एस्टीमेट न बनने पर भी नाराजगी जताई। पार्षदों ने इसकी जवाबदेही मांगी तो एक्सईएन बोले कि यह मेरी जिम्मेदारी है।
डाकखाने के पास की जमीन पर काटी पर्ची
डाकखाने से रेलवे रोड पर पेट्रोल पंप की जमीन पर बनीं दुकानों की पर्ची काटने का मुद्दा भी उठा। पार्षदों ने बताया कि यह पर्ची 2022 में कटी है। इस पर ईओ ने कहा कि 2017 के बाद तहबाजारी की कोई पर्ची नहीं काटी गई। यदि कोई पर्ची कटी है तो उसकी जांच करवाई जाएगी। पार्षद बोले कि वहां तो दुकान तक बना ली गई।
बैठक में पार्षद मोहनलाल ने बताया कि कैलाश नगर के एरिया की प्रॉपर्टी आईडी बनवानी चाही तो पहले अस्वीकृत बताकर रिजेक्ट कर दिया गया, लेकिन अब उसे स्वीकृत बताकर आईडी जारी कर दी गई और रजिस्ट्री तक हो गई। वहीं एक अन्य पार्षद ने बताया कि जब उसने खुद की 450 गज की जमीन की अलग-अलग आईडी बनवानी चाही तो उसे अस्वीकृत बता दिया गया। डीएमसी के आदेश के बाद भी अधिकारी मौका मुआयना करने नहीं गए।