नारनौल। शहर से करीब पांच किलोमीटर दूर गांव सुराणा में घर के अंदर कमरे में सो रहा दो साल का बच्चा प्रीत अचानक सोमवार सुबह करीब 12 बजे संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गया। बच्चे के गायब होन के बाद परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। डीएसपी ने स्वयं मौके पर जाकर रात तीन बजे तक बच्चे को ढूंढने का प्रयास किया।
सुबह नौ बजे तक बच्चे का कहीं सुराग नहीं लगा और पुलिस भी गांव में नहीं पहुंची तो गुस्साए ग्रामीणों ने नारनौल-रेवाड़ी नेशनल हाईवे को करीब दस बजे जाम कर दिया। डीएसपी जितेंद्र कुमार ने बच्चे को जल्द ढूंढने का आश्वासन देकर साढ़े दस बजे जाम खुलवाया, फिर फंसे वाहनों को निकाला गया। इसके बाद जाम में फंसे वाहनों को निकाला गया। समाचार लिखे जाने तक पुलिस व ग्रामीण बच्चे की खोज में जुटे हुए थे, पर बच्चे का कोई सुराग नहीं लगा। सर्च अभियान में 70 पुलिस कर्मियों को लगाया गया है।
परिजनों ने बताया कि सोमवार सुबह बच्चे का पिता पंकज तो काम पर चला गया था। घर में बच्चे की दादी व माता दीपिका थे। दीपिका अपने बच्चे को दूध पिलाकर पलंग पर सोता हुआ छोड़कर शौच के लिए चली गई। जाने से पहले दूसरे कमरे में सो रही बच्चे की दादी को बताकर गई थी कि प्रीत का ध्यान रखें। दादी का स्वास्थ्य ठीक नहीं था और वह दवाइयां लेती हैं, जिस कारण उसकी भी आंख लग गई। इस दौरान बच्चा अचानक गायब हो गया। दीपिका लौटी तो बच्चा पलंग पर नहीं था। परिजनों ने बताया कि बच्चा अगर उठ भी जाता था तो वह घर से बाहर नहीं जाता था। सीधे मां न तो दादी के पास ही जाता था। बच्चे के अचानक गायब होने के बाद उसे आसपास खोजने का प्रयास किया। उन्होंने 112 नंबर पर पुलिस को फोन किया। पुलिस भी रात तीन बजे तक लगी रही। इस दौरान रात को जायजा लेने के लिए डीएसपी जितेंद्र भी पहुंचे, लेकिन बच्चा कहीं नहीं मिला। नारनौल के डीएसपी जितेंद्र और कनीना के डीएसपी रणबीर सिंह की अगुवाई में सर्च अभियान शुरू किया गया, ग्रामीण भी खेतों और नहर में ढूंढते रहे। सदर थाना प्रभारी बाबूलाल ने बताया कि बच्चे की तलाश की जा रही है। आसपास के एरिया में सघन तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन अब तक बच्चे का सुराग नहीं लग सका है। टीमें तलाश में लगी हुई है। परिजनों ने किसी प्रकार के आरोप नहीं लगाए हैं।