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चेक बाउंस होने पर दो ऋणी किसानों को हुई सजा

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महेंद्रगढ़। चेक बाउंस होने पर दो ऋणी किसानों को अदालत ने सजा सुनाई है। जिला प्राथमिक सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक सीमित शाखा महेंद्रगढ़ (लैंड मोर्गेज बैंक) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजय यादव ने बताया कि बैंक से शक्ति सिंह निवासी गांव गुलावला ने एक दिसंबर 2010 को मुबलिग 3.50 लाख रुपये का लोन भूमि समतल के लिए लिया हैं। बैंक द्वारा कर्जा राशि मांगने पर दोषी कृषक ने बैंक कर्मचारी को बैंक के पक्ष में 3.70 लाख रुपये का चेक दे दिया। बैंक ने उक्त चैक शाखा के चालू खाता में लगाया तो बैंक द्वारा अपर्यात्प निधि के रिमार्क के साथ मीमो लगा कर वापिस दे दिया। इस संबंध में महेंद्र पालड़ी एडवोकेट द्वारा दोषी कृषक को कानूनी नोटिस भी दिया गया जिसका कोई भी जवाब ऋणी कृषक ने नहीं दिया। फिर अदालत में केस दायर किया गया। इस संबंध में दोषी ऋण कृषक को सोहन लाल मलिक जुडीशियल मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत में एक साल की सजा व 3.70 लाख रुपये बैंक में जमा करने का आदेेश दिया।
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इसी प्रकार जगराम निवासी गांव जासावास ने भी 31 दिसंबर 2007 को बैंक से 6 लाख रुपये ट्रैक्टर के लिए ऋण लिया था। बैंक द्वारा ऋण राशि मांगने पर किसान द्वारा 9.34 लाख रुपये का चेक बैंक को दे दिया। चेक बाउंस होने पर बैंक द्वारा अपर्याप्त निधि का रिमार्क के साथ मीमो लगा कर चैक वापिस दे दिया गया। इस संबंध में महेंद्र सिंह यादव सीनियर एडवोकेट द्वारा दोषि किसान को कानूनी नोटिस दिया गया जिसका दोषी ऋणी कृषक ने जवाब नहीं दिया। अदालत में केस दायर किया गया। दोषी जगराम को भी सोहन लाल मलिक जुडीशियल मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत में एक साल की सजा व चेक राशि 9.34 लाख रुपये बैंक में जमा करने का हुकुम सुनाया गया। फिलहाल जगराम का केस सेशन जज की अदालत में विचाराधीन हैं।
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