महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में वाणिज्य एवं प्रबंधन में भारतीय ज्ञान परंपरा विषय पर केंद्रित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी 15 फरवरी से शुरू होगी। भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर), नई दिल्ली के सहयोग से आयोजित इस संगोष्ठी में 150 से अधिक प्रतिभागी शामिल होंगे। कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय संगोष्ठी में भारतीय ज्ञान परंपरा के विभिन्न आयामों का राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के परिपेक्ष में गहन विमर्श किया जाएगा।
संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में भारतीय प्रबंधन संस्थान सिरमौर, हिमाचल प्रदेश के निदेशक प्रो. प्रफुल्ल अग्निहोत्री मुख्य अतिथि होंगे। इसके साथ ही विशिष्ठ अतिथि के रूप में चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आरके मित्तल उपस्थित रहेंगे। इसी तरह उद्घाटन सत्र में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के प्रो. पवन शर्मा मुख्य वक्ता के रूप सम्मिलित होने जा रहे हैं।
कुलपति ने कहा कि भारतीय वेदों और ग्रंथों की ओर देखें तो हमें वहां हर समस्या का समाधान मिलता है और जीवन को बेहतर बनाने व समाज के विकास के अवसर भी इनमें उपलब्ध है। विश्वविद्यालय की सम कुलपति प्रो. सुषमा यादव ने कहा कि भारत आज पूरे विश्व में आर्थिक महाशक्ति के रूप में अपनी एक अलग पहचान बना रहा है।
वाणिज्य विभाग के विभागाध्यक्ष व संगोष्ठी के संयोजक डाॅ. राजेंद्र मीणा ने कहा कि इस दो दिवसीय संगोष्ठी के लिए देशभर के विभिन्न संस्थानों से 150 से ज्यादा प्रतिभागियों ने पंजीकरण करवाया है। दो दिवसीय इस संगोष्ठी में दस से अधिक तकनीकी सत्रों का आयोजन किया जाएगा। इस संगोष्ठी के लिए उनके पास 100 से अधिक शोध पत्र देश के विभिन्न राज्यों से प्राप्त हुए हैं। इस संगोष्ठी की आयोजन सचिव डाॅ सुनीता तंवर ने कहा कि दो दिवसीय संगोष्ठी में भारतीय ज्ञान परंपरा में प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर व्यापक चर्चा होगी। इस संगोष्ठी के सह संयोजक डाॅ सुमन, डाॅ रविंद्र कौर, डाॅ भूषण, डाॅ दिव्या और डाॅ अजय कुमार है।