महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि) महेंद्रगढ़ में बुधवार से जिला महेंद्रगढ़ खादी ग्रामोद्योग कार्यकर्ता संघ नारनौल के सहयोग से दो दिवसीय स्वदेशी वस्तुओं की प्रदर्शनी की शुरूआत हुई। प्रदर्शनी का शुभारंभ विश्वविद्यालय की समकुलपति प्रो. सुषमा यादव ने किया। विश्वविद्यालय के इनोवेशन एंड इंक्यूबेशन सेंटर के प्रयासों से आयोजित इस प्रदर्शनी के संबंध में समकुलपति ने कहा कि स्वदेशी वस्तुओं की यह प्रदर्शनी विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों में स्वदेशी प्रेम के विकास और उससे जुड़े आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने का एक प्रयास है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने 18 जनवरी तक चलने वाली इस प्रदर्शनी के संदर्भ में संदेश के माध्यम से कहा कि अवश्य ही यह प्रदर्शनी विश्वविद्यालय के सहभागियों विशेषकर युवा विद्यार्थियों में स्वदेशी उत्पादों के प्रति लगाव विकसित करने में मददगार होगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के प्रति यह हम सभी का दायित्व है कि हम स्वदेशी वस्तुओं को अपनाएं और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने में सहयोग दें। प्रो. सुषमा यादव ने विश्वविद्यालय के इनोवेशन एंड इंक्यूबेशन सेंटर की सराहना करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा दिए गए वोकल फॉर लोकल के नारे व आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने में उल्लेखनीय प्रयास किए जा रहे हैं।
विश्वविद्यालय की प्रथम महिला प्रो. सुनीता श्रीवास्तव ने कहा कि अवश्य ही जिला महेंद्रगढ़ खादी ग्रामोद्योग कार्यकर्ता संघ, नारनौल के सहयोग से आयोजित यह प्रदर्शनी जन उपयोगी स्वदेशी उत्पादों को विश्वविद्यालय के विभिन्न सहभागियों तक सहज उपलब्ध कराने में मददगार साबित होगी। विश्वविद्यालय के इनोवेशन एंड इंक्यूबेशन सेंटर के निदेशक डॉ. आशीष माथुर ने खादी ग्रामोद्योग द्वारा निर्मित उत्पादों के विषय में जानकारी देते हुए कहा कि प्रदर्शनी में उपलब्ध कपड़े व अन्य उत्पाद पूरी तरह से स्वदेशी उत्पादकों द्वारा निर्मित हैं और यह पर्यावरण हितैषी तकनीक से विकसित किए गए हैं। जिला महेंद्रगढ खादी ग्रामोद्योग कार्यकर्ता संघ के सचिव बलवंत शर्मा ने कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार, समकुलपति प्रो. सुषमा यादव, कुलसचिव प्रो. सुनील कुमार व सेंटर के निदेशक प्रो. आशीष माथुर का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदर्शनी के माध्यम से खादी के उत्पादों को विश्वविद्यालय के विभिन्न सहभागियों तक पहुंचा पाना संभव हुआ है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के डॉ. राजेंद्र प्रसाद मीणा, डॉ. सुनीता तंवर, डॉ. नीरज कर्ण सिंह व इनोवेशन एंड इंक्यूबेशन सेंटर के सदस्य डॉ. अनूप यादव तथा सुनील अग्रवाल भी उपस्थित रहे।