फोटो 19: कथा के दौरान भगवान कृष्ण व रुक्मणी बनी लड़कियां। स्रोत: आयोजक
मंडी अटेली। मंडी अटेली। गांव बिहाली के हनुमान मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन मंगलवार को श्याम सखा शास्त्री ने श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि धर्म, प्रेम और मर्यादा के आधार पर ही गृहस्थ जीवन सफल होता है। रुक्मिणी श्रीकृष्ण को पति मानती थीं, पर भाई रुक्म ने शिशुपाल से विवाह तय किया। रुक्मिणी ने श्रीकृष्ण को पत्र भेजा। श्रीकृष्ण उन्हें मंदिर से ले गए और रुक्म-शिशुपाल की सेना को परास्त कर द्वारका में विवाह किया। संवाद