कनीना। उपमंडल में हुई बूंदबांदी ने किसानों की परेशानियों को बढ़ा दिया है। इस समय क्षेत्र के किसान तेजी से सरसों की थ्रेसिंग में जुटे हुए थे। शुक्रवार दोपहर बाद हल्की बूंदबांदी के कारण दोपहर बाद थ्रेसिंग का कार्य भी बंद रहा। अब किसानों को चिंता सता रही है कि सुबह के समय हल्का कोहरा छाने से सरसों की सुखी फसल में नमी की मात्रा बढ़ जाएगी जिसके कारण दो-तीन दिन थ्रेसिंग का कार्य प्रभावित हो सकता है।
इस समय गेहूं की फसल में भी दाना पकाई पर चल रहा है। वहीं अगेती गेहूं की फसल तो कटाई पर आ चुकी है। कुछ किसानों ने गेहूं की कटाई भी शुरू कर दी है। ऐसे में हल्की बूंदबांदी के कारण अब कटाई का काम भी प्रभावित होने की संभावना बनी हुई है। हालांकि मौसम साफ रहता है तो सरसों की थ्रेसिंग व गेहूं की कटाई पर इस बूंदाबांदी का कोई प्रभाव नहीं होगा।
- चौथे दिन भी उपज लेकर नहीं पहुंचा कोई किसान:
शुक्रवार को कनीना अनाज मंडी में खरीद के चौथे दिन कोई भी किसान फसल बेचने के लिए नहीं आया। जबकि अनाज मंडी में मंगलवार के दिन खरीद का कार्य शुरू कर दिया था। मार्केट कमेटी की सचिव नकुल यादव ने बताया कि कनीना आसपास क्षेत्र में अभी भी सरसों की कटाई का कार्य चल रहा है। जिसकी वजह से किसान मंडी में सरसों बेचने के लिए नहीं आए हैं। बारिश होने की स्थिति में मंडी में किसानों की उपज को भीगने से बचाने के लिए पूरे प्रबंध किए हुए हैं। टीनशेड लगे होने के कारण किसानों को कोई परेशानी नहीं होगी। मंडी में 35 हजार क्विंटल अनाज को सुरक्षित रखने की क्षमता है।े