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Mahendragarh-Narnaul News: डीएसटी के तहत 59 छात्रों का प्रशिक्षण पूरा, 26 को मिलेंगे अनुभव प्रमाण पत्र

Thu, 24 Oct 2024 11:56 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
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नारनौल। डीएसटी के तहत पुरुष आईटीआई की दो प्रमुख ट्रेड को छात्रों ने इस साल किताबी के साथ साथ व्यावहारिक ज्ञान भी अर्जित किया है। इसी साल शुरू की गई सरकार की इस नई पहल से आईटीआई के छात्रों को किताबी के साथ व्यावहारिक ज्ञान तो मिला ही, साथ ही प्रशिक्षण पूरा हो जाने के बाद 26 अक्तूबर को उन्हें अनुभव प्रमाण पत्र भी वितरित किए जाएंगे।
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यह अनुभव प्रमाण पत्र उन्हें स्वरोजगार, कंपनी व सरकारी नौकरी में भी वरीयता प्रदान करने का काम करेंगे। इसी के मद्देनजर जनवरी में आईटीआई की दो ट्रेड के इंचार्ज ने प्राचार्य के निर्देश पर हरियाणा रोडवेज के साथ एक एमओयू मेमोरेंडम ऑफ अंडर स्टेंडिंग स्थापित किया था।
क्या है डीएसटी
डीएसटी यानि ड्यूल सिस्टम ऑफ ट्रेनिंग यानि कि दोहरी शिक्षा प्रणाली है। इसके तहत आईटीआई के छात्र बेहतर व आधुनिक मशीनों का ज्ञान, उनका संचालन व रखरखाव आदि की तकनीकी शिक्षा को बेहतर ढंग से समझ कर और भी एडवांस बन सकेंगे।
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दो ट्रेड के 59 छात्रों ने लिया प्रशिक्षण
शीट मैटल ट्रेड इंचार्ज हरीश दहिया ने बताया कि उनकी ट्रेड के 19 व मोटर मैकेनिक ट्रेड के 40 बच्चों ने तीन महीने का तकनीकी प्रशिक्षण लिया है। इसके लिए प्राचार्य के निर्देश पर दोनों ट्रेड के इंचार्ज हरीश दहिया व प्रदीप कुमार ने हरियाणा रोडवेज के साथ एक एमओयू स्थापित किया था। इन तीन महीनों के प्रशिक्षण के दौरान इंचार्ज खुद छात्रों की मॉनिटरिंग कर रहे थे, ताकि किसी भी छात्र को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।
संस्थान की ओर से दी गई ओजेटी डायरी व पैन
प्रशिक्षण के दौरान सभी छात्रों को एक एक ओजेटी डायरी व पैन भी मुहैया कराया गया था, ताकि बच्चे प्रतिदिन होने वाले प्रशिक्षण के दौरान होने वाली सभी गतिविधियों को नोट कर याद रख सकें।
तीन व छह माह का दिया जाता है प्रशिक्षण
प्राचार्य ने बताया कि डीएसटी के तहत एक साल की ट्रेड वाले छात्रों को तीन माह का प्रशिक्षण दिलाया जाता है। इसके अलावा दो साल की ट्रेड वाले छात्रों को साल में तीन तीन माह यानि कुल 6 माह का प्रशिक्षण दिलाया जाता है। प्रशिक्षण पूरा हो जाने के बाद सभी को अनुभव प्रमाण पत्र दिया जाता है। इससे इन छात्रों को सरकारी संस्थान व कंपनी में नौकरी के लिए अप्लाई करने पर वरीयता मिलेगी। साथ ही स्वयं का रोजगार स्थापित करने की प्रेरणा भी मिलेगी।
दोहरी शिक्षा प्रणाली सरकार की ओर से चलाई जा रही, अपने आप में एक बेहतर व अनोखी योजना है। इसके तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्रों को आधुनिक मशीनों के ज्ञान के साथ में रोजगार के और भी बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
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विनोद खनगवाल, प्राचार्य आईटीआई नारनौल।
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