महेंद्रगढ़ क्षेत्र के किसानों को अभी भी बाजरे की सरकारी खरीद शुरू होने का इंतजार है। क्षेत्र के किसानों ने 50 प्रतिशत बाजरे की थ्रेसिंग कर ली है लेकिन अभी तक सरकार द्वारा महेंद्रगढ़ मंडी में खरीद को लेकर शेड्यूल तक जारी नहीं किया है। वहीं महेंद्रगढ़ की बदहाल अनाज मंडी में किसानों के लिए मूलभूत सुविधाओं तक का टोटा बना हुआ है। लंबे समय से मंडी की सफाई भी नहीं हो पाई है जिसके चलते जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। मंडी की फड़ों के चारों ओर लंबे समय से बदहाल सड़क मार्ग के गड्ढों की भी किसी ने सुध नहीं ली है। फड़ों के बीचोंबीच स्थित ट्रांसफार्मर पर न ही तो जालियां हैं न ही सुरक्षा के कोई उपाय, इससे भी हादसा हो सकता है। पर्याप्त रोशन का भी अभाव बना हुआ है। वहीं पेयजल व्यवस्था नहीं होने से मंडी में बाजरा बिक्री के लिए आने वाले किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। लंबे समय से व्यापारी भी फड़ों पर टीन शेड डालने की मांग उठा रहे हैं लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हो पा रहा है। सरकारी तथा निजी खरीद को लेकर व्यापारियों के पास कोई शेड्यूल नहीं आया जिसके चलते खरीद को लेकर व्यापारी भी असमंजस की स्थिति में हैं। वहीं कुछ व्यापारियों द्वारा फड़ों पर निजी सामान रखकर अतिक्रमण भी किया गया है जिसे अभी तक हटाया नहीं गया है। मंडी की फड़ों पर व्यापारियों के सामान रखने से फड़ों पर जगह तक शेष नहीं है।
सड़कों से उठने वाली धूल ने बढ़ाई परेशानी
मंडी में लंबे समय से बदहाल सड़कों से व्यापारी परेशान हैं। दिनभर उठने वाली धूल के कारण दुकानों में सामान भी खराब हो जाता है। बार-बार व्यापारियों की मांग के बावजूद भी सुध नहीं ली जा रही है।
-धन्नाराम सेठ, अनाज मंडी
गंदे पानी की निकासी नहीं:
मंडी में आए दिन सीवर जाम रहता है जिसके कारण फड़ के चारों ओर नालियों में गंदा पानी जमा रहता है। उपज बिक्री के लिए आने वाले किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी के अंटी पड़ी हैं।
-ओमप्रकाश मोदी
नियमित नहीं हो रही है सफाई
मंडी में नियमित रूप से सफाई नहीं होने से जगह-जगह कूड़े-कचरे के ढेर लगे रहते हैं। जिम्मेदारों ने अभी तक मंडी की पूर्णरूप से सफाई भी नहीं कराई है। उनकी मांग है कि जल्द से जल्द सफाई कराई जाए।
-मुकेश कुमार
बदहाल शुलभ शौचालय व्यापारी भी परेशान:
लंबे समय से शुलभ शौचालय बदहाल है जिसके चलते व्यापारी भी परेशान हैं। सफाई कर्मचारी महज औपचारिकता पूरी करके चले जाते हैं। व्यापारियों द्वारा बार-बार प्रशासन व सरकार से मंडी में टीनशेड लगाने की मांग की है लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
-पवन कुमार माधोगढ़िया
मंडी में है बदहाली का आलम
मंडी की टूटी सड़कें, जगह-जगह लगे गंदगी के ढेर, नालियों में खड़ा गंदा एवं बदबूदार पानी व्यापारियों के साथ-साथ किसानों व आम आदमी के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। प्रशासन व जिम्मेदारों से बात की जाती है तो एस्टिमेट भेजने का हवाला देते हुए पल्ला झाड़ रहे हैं। बार-बार मांग के बावजूद भी मंडी में व्यवस्थाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं।
- बिजेंद्र सिंह यादव, अनाज मंडी प्रधान
मंडी में सफाई को लेकर कुछ व्यापारियों ने बताया था। मंडी में सफाई व्यवस्था को लेकर कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। वहीं मंडी के सड़कों को ऊंचा उठाने व सीमेंटेड बनाने के लिए एस्टिमेट बनाकर भेजा हुआ है। शीघ्र ही इसे मंजूरी मिलने की उम्मीद है। वहीं समय रहते सभी प्रकार की खामियों को दूर किया जाएगा।
-ओमप्रकाश जगलान, मार्केट कमेटी सचिव, महेंद्रगढ़।