नारनौल। शहर की पुरानी अनाज मंडी में व्यापारियों ने अपनी दुकान के सामने पक्का निर्माण कर अतिक्रमण कर लिया है। व्यापारियों ने मंडी की सभी फड़ों पर टिन शेड लगाकर सामान रख दिया है। शौचालय और पेयजल की व्यवस्था नहीं है। इससे किसानों को परेशानी हो रही है। किसानों का कहना है कि अतिक्रमण के चलते फसल रखने की जगह नहीं है। शिकायत के बाद भी न तो अतिक्रमण हटाया गया और न ही शौचालय और पेयजल की व्यवस्था की गई।
पुरानी मंडी में व्यापारियों ने फड़ों पर नमक, खल, खाद, घी के पीपे आदि सामान रखे हैं। मंडी के दूसरे गेट के पास तो व्यापारियों ने बेचने के लिए सरिये, एंगल तथा अन्य सामान रखे हैं। हालात यह है कि अगर यहां किसान पर्याप्त फसल लेकर आ जाए तो मंडी में फसल रखने की जगह नहीं है। वैसे भी फड़ किसानों के लिए मनाई गई थी ताकि खरीद के समय किसान अपनी फसल यहां लाकर रख सकें। अब किसानों के पास फसल रखने का स्थान नहीं हैं। खास बात यह है कि मार्केट कमेटी का कार्यालय भी यहीं है। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। प्रशासन रेहड़ी वालों को हटवा देते हैं लेकिन यहां कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। इस संबंध में मंडी के प्रधान ब्रजमोहन गर्ग से बात की तो उन्होंने इस मामले में कुछ भी बोलने से मना कर दिया। उधर, किसानों का कहना है कि मंडी में कहने के लिए शौचालय तो है लेकिन उस पर ताला लगा रहता है। पेयजल की भी व्यवस्था नहीं है। इसकी वजह से किसानों को परेशानी होती है।
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वर्जन:
कार्रवाई के लिए मार्केट कमेटी सचिव को आदेश दिया जाएगा। जल्द ही नोटिस जारी कर कार्रवाई करवाई जाएगी।- मनोज कुमार, एसडीएम, नारनौल
क्या बोले किसान
मंडी में पहले की जगह कम है। व्यापारियों ने फड़ों पर अतिक्रमण कर पक्की दुकानें बनवा ली हैं। हालात यह है कि एक गाड़ी भी रास्ते से नहीं गुजर पाती है। मंडी में शौचालय पर ताला लगा है। पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है। यह मंडी किसानों की न होकर व्यापारियों की हो गई है।- सुरेंद्र सिंह, किसान, कारोली।
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पुरानी अनाज मंडी में व्यापारियों ने अतिक्रमण किया है। फड़ किसानों की फसल के लिए बनाई गई थी लेकिन कोई फड़ खाली नहीं है। मंडी में शौचालय तथा पानी की सुविधा नहीं है। प्रशासन से मांग है कि फसलों की खरीद हमेशा के लिए नई मंडी में शुरू कर दी जाए ताकि किसानों को परेशान न होना पड़े।- राम सिंह, किसान
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व्यापारियों ने फड़ के अलावा रोड पर भी अतिक्रमण किया हुआ है। सभी ने अपना सामान डाल रखा है। किसानों के ट्रैक्टरों तथा अन्य वाहनों के निकलने का रास्ता नहीं मिलता। एक बार में एक ही गाड़ी निकलती है। प्रशासन अगर यहां अतिक्रमण नहीं हटवा सकता तो नई मंडी खरीद शुरू कर देनी चाहिए।- जगदीश चौधरी, किसान, नांगल शालू