फोटो संख्या:69- गांव अगिहार में श्रीमद्भागवत कथा में प्रवचन देती कथावाचक साध्वी गोशिका गिरि--स्
महेंद्रगढ़। प्राचीन शिव मंदिर अगिहार में समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन 24 अवतार सहित अन्य प्रसंग सुनाए गए।
कथा वाचक साध्वी गोशिका गिरि द्वारा भगवान के 24 अवतार की कथा, अश्वत्थामा का मानमर्दन व नरसी का भात की कथा से भक्तो को भाव विभोर किया। उन्होंने बताया कि भगवान पर विश्वास हो तो नरसी के जैसा। नानी बाई के अडिग विश्वास ने भगवान को भाई के रूप में प्रगट किया। कथा में विशेष रूप से कुंती स्तुति, भीष्म स्तुति, महाभारत की कथा से जोड़ा गया। उसके उपरांत भागवत की व्यास द्वारा रचना, नारद का पूर्व चरित्र बताया।
सबसे मधुर कथा प्रसंग विदुर का देखने को मिला। यह कथा हमें सिखाती है कि भगवान को पाने के लिए हमें धन, वैभव, ऐश्वर्य नहीं चाहिए बल्कि भावना एवं श्रृद्धा से भगवान को प्रकट किया गया। मंदिर के भगवान को यदि आपको पाना है तो सब में भगवान का दर्शन करो। जीवों में कृष्ण दर्शन करके आप भगवान को पा सकते है। इस अवसर पर सत्यवीर सिंह फौजी, मुकेश फौजी, ललित शर्मा, विकास कुमार, युधिष्ठिर शर्मा सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।