नारनौल। गैर कानूनी तरीके और एनजीटी के नियमों को ताक पर रखकर शहर में चल रहे करीब 17 होटल, रेस्टोरेंट व ढाबा संचालकों को नगर परिषद नारनौल द्वारा नोटिस जारी किया है। जिसमें होटल संचालकों को 18 अक्तूबर सायं तीन बजे तक नगर परिषद कार्यकारी अधिकारी कार्यालय में अपनी बात रखने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित मापदंडों को पूरा नहीं करने पर सील या ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। नगर परिषद के नोटिस से होटल व ढाबा संचालकों में हड़कंप मच गया है। इसके चलते होटल संचालक एसोसिएशन ने सोमवार को नगर परिषद के नोटिस के विरोध में बैठक करने कर आगामी कार्रवाई करने निर्णय लिया है।
बात दें कि 16 सितंबर को नगर परिषद की कार्यकारी अधिकारी सुमन लता ने शहर में स्थित होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा संचालकों आदि के साथ बैठक कर एनजीटी के आदेशों की पालना करने के निर्देश दिए। इसके तहत सभी संचालकों को अपने-अपने भवन निर्माण संबंधित जानकारी नगर परिषद को उपलब्ध करवाने, ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2016 के नियमों के तहत कचरे का निष्पादन करने, गीले कचरे की कंपोस्ट पीट के माध्यम से खाद बनाने सहित एनजीटी द्वारा जारी हिदायतों का पालन करने के निर्देश दिए थे। वहीं भविष्य में एनजीटी के हिदायतों की अवहेलना करने वाले पर नगर परिषद की ओर से जुर्माना लगाने एवं परिसर को सील की हिदायत दी गई थी। मगर करीब कुछ संचालकों ने एनजीटी की हिदायतों की पालना नहीं की है। जिसके चलते नगर परिषद नारनौल ने शहर के करीब 17 होटल, रेंस्टोरेंट, ढाबा संचालकों को नोटिस थमाया गया है। जिसमें लिखा गया है कि नगर परिषद के बिल्डिंग इंस्पेक्टर व जूनियर इंजीनियर द्वारा जांच करने पर पाया गया कि होटल आदि तय मापदंडों पर नहीं बनाए गए हैं। वहीं पर्यावरण प्रदूषण के नियमों के अनुसार भी उन्होंने परमिशन नहीं ली हुई है। होटल संचालकों को अपनी बात रखने के लिए 18 अक्तूबर को शाम 3 बजे नगर परिषद बुलाया गया है।
नप टीम ने होटल, ढाबों व रेस्टोरेंट का निरीक्षण कर लगाया था जुुर्माना
10 अक्तूबर को नप टीम ने एक दर्जन से ज्यादा होटल, ढाबों व रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया गया। जिसमें टीम ने होटलों पर पार्किंग एरिया, बिल्डिंग नक्शा, सिंगल यूज प्लास्टिक, एवं गीले कूड़े का स्वयं के स्तर पर निवारण जोकि एसडब्लूएम रूल 2016 से संबंधित है का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान रेवाड़ी रोड पर स्थित ज्यादातर होटल, ढाबों व रेस्टोरेंट में ज्यादातर लोग प्लास्टिक से बनी वस्तुओं का प्रयोग करते हुए पाए गए और कुछ लोगों के पास पार्किंग की सुविधा भी नहीं मिली। वहीं होटल मालिकों के पास होटल चलाने के लिए जगह तो है, लेकिन गीले कूडे़े के निवारण के लिए न तो कोई सुविधा मिली और ना ही कंपोस्ट पीट की सुविधा मिली। जिस पर नगर परिषद अधिकारियों ने पांच संस्थानों पर 500 रुपये से दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया था।
नगर परिषद ने इन संस्थानों को जारी किया नोटिस
एनजीटी की गाइडलाइन की पालना नहीं करने पर नगर परिषद ने शहर के 17 होटल, रेंस्टोरेंट, ढाबा संचालकों को नोटिस थमाया है। जिसमें मोहल्ला प्राणपुरा स्थित छिप्पी ढाबा, निजामपुर रोड स्थित ओम होटल, देव रेस्टोरेंट, पंजाबी रेस्टोरेंट, रेवाड़ी रोड स्थित सोनी होटल, रेवाड़ी रोड स्थित होटल अपार, हीरो होंडा चौक स्थित सावरियां होटल, डीआरके होटल पुरानी कचहरी, निजामपुर रोड स्थित होटल टुलील फार्म हाउस, रेवाड़ी रोड स्थित अनंता होटल, पंचायत भवन के सामने आरआर होटल, सिंघाना रोड स्थित चांदनी मिडवे, रेवाड़ी रोड स्थित सन प्लाजा, रेवाड़ी रोड स्थित विलेज रिसार्ट, महावीर चौक स्थित राव स्टेट व सूर्या विलास होटल रेवाड़ी रोड शामिल है।
नगर परिषद नारनौल द्वारा शहर के करीब 17 होटल, ढाबों व रेस्टोरेंट संचालकों को निर्धारित मापदंडों पर नहीं बनाने और पर्यावरण प्रदूषण के नियमों के अनुसार परमिशन नहीं लेने पर नोटिस दिया गया है। संचालकों को 18 अक्तूबर तक कार्यालय में अपनी बात रखने का समय दिया गया है। इसके बाद नप द्वारा सीलिंग की कार्रवाई जाएगी।-अंकित वशिष्ठ, अधीक्षक अभियंता नगर परिषद नारनौल।