फोटो संख्या:64-सतनाली चौक पर चुनावी चर्चा करते सोशल वेलफेयर फाउंडेशन के सदस्य--स्रोत-- संवाद
महेंद्रगढ़। आगामी लोक सभा चुनावों को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार खूब गर्म है। चौपालों से लेकर मुख्य चौक-चौराहों, बाजारों में लोग भी खूब बनते-बिगड़ते समीकरणों पर चर्चा कर रहे हैं। हालांकि लोगों का कहना है कि इस बार का चुनाव मुद्दा विहीन है, क्योंकि आईएमटी, क्षेत्र में पर्याप्त नहरी पानी की उपलब्धता, लचर स्वास्थ्य व्यवस्था, शहर के लंबे समय से अटके विकास कार्याें, महेंद्रगढ़ को अलग जिला बनाने, दौंगड़ा अहीर को उप तहसील का दर्जा देने, विभिन्न विभागों में रिक्त पड़े अधिकारियों के पदों पर नियुक्ति सहित अन्य स्थानीय मुद्दों पर कोई चर्चा तक नहीं कर रहा है।
शुक्रवार को जब अमर उजाला की टीम चुनावों पर लोगों की राय व राजनीतिक हलचल के बारे में जानने के लिए शहर के महाराणा प्रताप चौक स्थित सोशल वेल्फेयर फाउंडेशन के कार्यालय पर पहुंची तो लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। वेलफेयर के प्रधान तेजपाल प्रजापत, महेश झूक, संदीप, पवन मालड़ा, दिनेश ढाढोत, सोनू खायरा, साहिल व विजय सहित अन्य युवाओं ने बताया कि इस बार का चुनाव केवल आरोप-प्रत्यारोप का है। क्षेत्रीय मुद्दों पर कोई भी प्रत्याशी चर्चाओं से बचते नजर आ रहे हैं, क्योंकि महेंद्रगढ़ जिले में लंबे समय से विकास को लेकर कोई बड़ी परियोजना नहीं आई है। साथ क्षेत्र के युवाओं को भविष्य रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले आईएमटी जैसी परियोजनाओं पर कोई चर्चा तक नहीं है। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अन्य जिलों व प्रदेशों की ओर देखने वाले महेंद्रगढ़ जिले के लिए कोई भी प्रत्याशी प्रतिक्रिया नहीं दे रहा है।
शहर के पिछले दस सालों से अटके विकास कार्याें को लेकर कोई भी बोलने को तैयार नहीं है। शहर की तमाम सड़कें बदहाल हैं, सफाई से लेकर रोशनी तक की व्यवस्था जिम्मेदार नहीं जुटा पाए हैं। पेयजल व्यवस्था को लेकर लंबे समय से कोई योजना नहीं बनी है। क्षेत्र के युवाओं के सुनहरे भविष्य को लेकर किसी भी प्रत्याशी ने कोई प्रतिक्रिया तक नहीं दी है। बड़ी पार्टियों के प्रत्याशी भी अपने चुनावी घोषणा पत्र में खूब वादे कर रहे हैं, लेकिन यह घोषणा पत्र भी गत चुनावों की तरह हवा-हवाई साबित होंगे।