नारनौल। नारनौल डिपो में रोडवेज बसों की कमी को दूर करने के 30 बस नई मिलनी थी, लेकिन अब तक 9 रोडवेज बस ही डिपो को मिली है। इसकी वजह से बसों में यात्री भार अधिक होता जा रहा है। ऐसे में यात्रियों को बस के गेट में खड़े होकर सफर करना पड़ रहा है।
रोडवेज बसों की कमी को दूर करने के लिए ज्वाइंट डायरेक्टर स्टेट ट्रांसपोर्ट ने 24 फरवरी को हरियाणा रोडवेज के सभी डिपो में आवश्यकता अनुसार टाटा की बीएस-6 मॉडल की 1000 बसे वितरित करने का लेटर जारी किया था, लेकिन करीब 9 माह बीत जाने के बाद भी डिपो को बसें नहीं मिली है। नारनौल डिपो में 191 परिचालक व 204 चालक है। इनके लिए 20 मिनी बस व 20 लीज की बसों सहित 134 गाड़ियां है। जबकि विभाग के अनुसार नारनौल डिपो में 188 गाड़ियां होनी चाहिए। फ्लीट के अनुसार नारनौल डिपो में 54 गाड़ियों की कमी है। नारनौल डिपो को टाटा की 30 गाड़ियां जून-जुलाई माह तक देना भी निर्धारित किया था, लेकिन अभी तक सिर्फ 9 गाड़ियां ही नारनौल डिपो को उपलब्ध हो सकी है। डिपो में 21 गाड़ियाें का अभी भी इंतजार किया जा रहा है। इसके कारण नारनौल बस स्टैंड से ही बसे ओवरलोड हो जाती है। अनेक बार तो बसे ओवरलोड होने की वजह से सभी सवारियां बस में चढ़ नहीं पाती है। इसकी वजह से अनेक बार चालक व परिचालकों से झगड़ा भी सवारी करने लग जाती है। जिसके कारण चालक-परिचालकों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
नारनौल डिपो में 54 रोडवेज बसों की कमी है। जून-जुलाई माह तक 30 बसे देने की बात भी कही गई थी, लेकिन अब तक 9 बस ही मिली है। रोडवेज बसों की कमी की वजह से यात्रियों को बसों के गेट पर खड़े होकर सफर करना पड़ रहा है।
-अनिल भीलवाड़ा, डिपो प्रधान, नारनौल।