महेंद्रगढ़। शहर के बीचोबीच स्थित एकमात्र खेल स्टेडियम पिछले दस वर्षों से रखरखाव के अभाव में बदहाल हो गया है। खेल स्टेडियम में वर्षों से न कोच है न सुविधाएं हैं। ऐसे में खिलाड़ी कैसे पदक जीत लाएंगे। 13 वर्ष पूर्व शहर के बीच करीब 5 एकड़ में बना यह स्टेडियम अब बेसहारा पशुओं व नशेड़ियों का अड्डा बना हुआ है।
13 साल में लोगों ने मूलभूत सुविधाओं व कोच की नियुक्ति के लिए कई बार प्रयास, लेकिन खेल विभाग चुप्पी साधे हुए है। प्रतिदिन शहर से स्टेडियम में अभ्यास करने के लिए करीब एक हजार खिलाड़ियों व स्थानीय लोग आते है। युवाओं ने प्रशासन व खेल विभाग से कई बार सुविधाओं की मांग की है, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने किया था उद्घाटन : वर्ष 2006 में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने शिलान्यास किया था। 10 वर्ष के बाद वर्ष 2010 में स्टेडियम के बनने के बाद उद्घाटन किया गया। खेल स्टेडियम के रखरखाव को लेकर खेल विभाग ने खिलाड़ियों को लेकर लाखों खर्च के बाद जिम का सामान लगा दिया था ताकि यहां खिलाड़ी व युवा अभ्यास कर सकें। कुछ शरारती तत्वों द्वारा सामान को तोड़ दिया गया। उसके बाद वर्ष 2021 में खेल स्टेडियम में खेलो इंडिया योजना के तहत बॉक्सिंग रिंग लगाकर खिलाड़ियों को बॉक्सिंग सिखाने का कार्य किया गया। महिला बॉक्सिंग कोच नहीं आने कारण उसे भी बंद कर सभी उपकरणों को नारनौल भेज दिया था।
राजीव गांधी खेल स्टेडियम में पिछले 13 सालों से कोच व सुविधाओं का इंतजार हो रहा है। समय-समय पर शहरवासियों एवं खिलाड़ियों द्वारा प्रशासन एवं सरकार से मांग भी की गई। आने वाले करीब 500 युवाओं व खिलाड़ियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्टेडियम में न तो शौचालय है और न ही पीने योग्य पानी की सुविधा है। खासकर महिला खिलाड़ियों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
इसके अलावा कहने को तो प्रशासन ने सफाई की हुई है। खेल स्टेडियम भवन में खिड़की, दरवाजे, सीसे टूटे हुए है। यहां तक बिजली के उपकरण भी गायब हो चुके हैं। 25 लाइटें लगी हुई हैं, लेकिन सभी खराब हैं। स्टेडियम में बाॅस्केट बाल रिंग टूटी हुई है।
प्रदेश सरकार की ओर से स्टेडियम के रखरखाव के लिए बजट को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। उम्मीद है कि अप्रैल माह में बजट जारी हो जाएगा। इसके तुरंत बाद जिला के राजीव गांधी खेल स्टेडियमों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही स्टेडियमों में कोच की नियुक्ति को लेकर उन्होंने उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है।
मनोज शर्मा, जिला खेल अधिकारी महेंद्रगढ़।