संवाद न्यूज एजेंसी
नारनौल। शहर की सड़कों, गलियों में घूम रहे बेसहारा गोवंश को पकड़कर जल्द नंदीशाला में छोड़ा जाएगा। इसके लिए नगर परिषद ने पिछले दिनों टेंडर लगाया था। इसमें तीन फर्म आई थीं, जिसमें एक फर्म के रेट कम मिले। संबंधित फर्म ने जो रेट दिए हैं, वह नप द्वारा दिए गए रेट से चार लाख रुपये ज्यादा है।
नगर परिषद ने संबंधित फर्म को रेट कम करने के लिए पत्र लिखा है। ठेकेदार ने भी लगभग 11 लाख रुपये का रेट फाइनल किया है, जिसे फिलहाल उच्चाधिकारियों से मंजूरी मिलना बाकी है। जिला नगर आयुक्त से मंजूरी मिलने के बाद वर्क ऑर्डर जारी किया जाएगा।
शहर की सड़कों व गलियों में घूम रहे करीब एक हजार पशु
नारनौल शहर की सड़कों व गलियों में लगभग एक हजार बेसहारा पशु घूम रहे हैं। कई बार इन बेसहारा पशुओं की वजह से हादसे भी हो चुके हैं। यही नहीं सुबह व शाम के समय सिंघाना रोड स्थित सुभाष पार्क में भी बेसहारा पशु घुस जाते हैं और नुकसान पहुंचाने का काम करते हैं। शहर के व्यस्ततम चौक महावीर चौक के आसपास भी काफी संख्या में डिवाइडर पर पशु बैठे रहते हैं।
कॉलोनियों में संख्या ज्यादा
बेसहारा पशुओं की संख्या काॅलोनियों में ज्यादा है। हर गली, मोहल्ले में दो से तीन बेसहारा पशु खड़े देखे जा सकते हैं। हालात इतने खराब हैं कि कई कालोनियों में बनाए गए कूड़ा कलेक्शन सेंटरों के पास पूरा दिन यह बेसहारा पशु खडे़ रहते हैं, जिससे लोगों का गलियों से निकलना मुश्किल हो जाता है।
पशु पकड़ने के लिए टेंडर लगाया गया था। इसमें तीन फर्म आई थीं। एक फर्म के रेट कम थे लेकिन नप के रेट से ज्यादा है। फाइनल रेट लगभग 11 लाख रुपये ठेकेदार ने दिए हैं। इसे नगर परिषद की कांट्रेक्ट एंड फाइनेंस कमेटी से अप्रूव करवाया जाएगा। अप्रूवल मिलती है तो वर्क ऑर्डर जल्द जारी कर दिया जाएगा।
- सुंदर सिंह, एक्सईएन, नगर परिषद, नारनौल