मंडी अटेली। गांव बिहाली स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन हुआ। कथा के दूसरे दिन भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। भरतपुर के कोटीकला से कथा वाचक श्याम सखा शास्त्री पहुंचे। उन्होंने श्रद्धालुओं को भगवान के वामन अवतार की लीला सुनाई। शास्त्री ने समुद्र मंथन का प्रसंग भी विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि भगवान ने दानवों के अत्याचार से धरती बचाने को वामन रूप लिया। राजा बलि से तीन पग भूमि मांगकर सृष्टि का संतुलन स्थापित किया। समुद्र मंथन से 14 रत्नों की प्राप्ति हुई थी। अंत में अमृत निकलने पर धर्म की विजय हुई। कथा सुनकर श्रद्धालु भक्ति भाव से सराबोर हो गए। संवाद