फोटो संख्या:53- बस स्टैंड के सामने निजी स्कूल बस का निकला टायर--स्रोत--संवाद
महेंद्रगढ़। गत अप्रैल में गांव उन्हाणी मोड़ पर हुए दर्दनाक हादसे में छह मासूमों की मौत के बावजूद जिम्मेदारों ने सबक नहीं लिया। निजी स्कूलों के संचालक अभी भी बसों के रखरखाव को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। शुक्रवार सुबह 28 बच्चों को स्कूल लेकर जा रही निजी स्कूल की बस का पिछला पहिया निकलकर सड़क किनारे खड़ी दूसरी गाड़ी से टकरा गया। हालांकि हादसे में किसी को चोट नहीं लगी, लेकिन ब्रेक लगने के कारण कई बच्चे सीटों से गिर गए थे तो बस में हड़कंप मच गया था।
बुचौली रोड स्थित सूरज स्कूल की बस 28 बच्चों को बैठाकर नांगल सिरोही रूट से चली थी। बस तुलाराम चौक से शहर की तरफ जा रही। सुबह करीब 8 बजे जब बस महेंद्रगढ़ बस स्टैंड के सामने पहुंची तो उसका पिछला टायर निकल गया और करीब 20 फीट दूर खड़ी एक सेंट्रो गाड़ी के बोनट से जा टकराया। इस कारण सेंट्रो गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हो गई। गनीमत रही कि जोड़े में दो टायर थे, जिस कारण चालक बस को नियंत्रित कर पाया। बस रुकते ही बच्चों में हड़कंप मच गया। हालांकि सभी बच्चे, चालक व परिचालक सुरक्षित थे, किसी को भी चोट नहीं आई है। इसके बाद चालक-परिचालक ने घटना की सूचना स्कूल प्रबंधन को दी। इसके बाद दूसरी बस के माध्यम से बच्चों को स्कूल ले जाया गया। करीब दो घंटे बाद मिस्त्री को बुलाकर टायर फिट कर चालक व परिचालक बस को मौके से ले गए।
11 अप्रैल को दर्दनाक हादसे में छह बच्चों की हो गई थी मौत
गत 11 अप्रैल को गांव उन्हाणी मोड़ पर जीएल स्कूल की बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस दुर्घटना में बस में सवार 34 बच्चों में छह की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि 28 बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बावजूद हालात नहीं सुधर रहे हैं। आए दिन निजी बस संचालकों की लापरवाही सामने आ रही है। 4 जून को भी नांगल चौधरी क्षेत्र में एक निजी स्कूल की 25 सीट की क्षमता वाली बस में 50 बच्चों को बैठाया गया था। पुलिस ने गाड़ी को जब्त कर चालान भी किया था।
शहर थाने में इस प्रकार की कोई शिकायत नहीं आई है। न ही किसी भी प्रकार के हादसे की कोई सूचना दी गई है।
-सुधीर कुमार, शहर थाना प्रभारी महेंद्रगढ़।
फोटो संख्या:53- बस स्टैंड के सामने निजी स्कूल बस का निकला टायर--स्रोत--संवाद