फोटो नंबर-29भागवत कथा के दौरान निकाली गई भगवान कृष्ण के जन्म की झांकी। स्रोत-आयोजक
नारनौल। शहर की अग्रवाल सभा भवन में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस रविवार को कथा व्यास दादू संप्रदाय के युवा संत महंत रामझूलन दास महाराज ने गजेंद्र प्रसंग सुनाया। गजेंद्र की कहानी को प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का प्रतीक बताया। महाराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण निराकार ब्रह्म है जो अधर्म, पाप, अत्याचार के बोझ तले दबी वसुंधरा पर त्रस्त जनमानस की करुण पुकार सुनकर धर्म स्थापना के लिए धरा पर अवतरित होते हैं। महाराज ने बताया जिस प्रकार प्रकाश से दूर रहना ही अंधकार है उसी प्रकार प्रभु से दूर रहना ही दुख, संताप व क्षोभ का कारण है। संवाद