फोटो संख्या:66- बाबा भैरु मंदिर सतनाली में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के समापन पर हवन करते श्रद्धा
सतनाली। बाबा भैरू मंदिर परिसर में हवन के साथ कथा का समापन किया गया। पंडित अनिल पुरोहित ने कथा में बताया कि हवन करने से वातावरण में शुद्धिकरण होता है। इसके साथ-साथ हवन में बैठने वाले प्रत्येक व्यक्ति को लाभ मिलता है। पूजा के बाद हवन करना आज भी उतना ही महत्वपूर्ण और शुभ माना गया है जितना प्राचीन काल में हुआ करता था। हिंदू धर्म में हवन को शुद्धिकरण का एक विशेष गुण माना गया है। शास्त्रों के अनुसार पूजा-पाठ समेत कोई भी धार्मिक कार्य हवन के बिना अधूरा माना जाता है। हवन करने के उपरांत आस पड़ोस की नकारात्मक शक्तियां और बुरी आत्माओं के प्रभाव को भी समाप्त किया जाता है। इस मौके पर अधिवक्ता पवन पारीक, महेंद्र वालिया, राजेंद्र शर्मा, छत्रपाल सिंह राठौड़, बशेशर सेठ, बजरंग पारीक, प्रदीप पारीक, ओमदत जागड़ा, संतु शेखावत, उषा, उर्मिला देवी, कृष्णा शर्मा, पुष्पा मितल, रोशनी जागड़ा सहित अनेक लोगों ने हवन में आहूति डाली।