संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी अटेली। बिजली निगम कार्यालय अटेली के बिजली बिल व अन्य कार्याें के लिए बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कच्चे कर्मचारियों के हाथ में इन कार्याें की बागडोर होने के कारण उपभोक्ताओं को भारी परेशानी से गुजरना पड़ रहा है। जबकि निगम के कर्मचारियों व अधिकारी इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहे है। जिसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।
बता दें कि बिजली उपभोक्ता अपने बिजली के बिल को ठीक करवाने के लिए जब कार्यालय में दस्तक देते हैं तो वहां कच्चे कर्मचारियों द्वारा कहा जाता है कि यह कार्य करना उनके हाथ में नहीं है। जिसके कारण उपभोक्ताओं को निराशा का मुंह देखना पड़ रहा है। बताया जाता है कि कार्यालय में कच्चे कर्मचारी ही कंप्यूटर ऑपरेटर का काम करते हैं जिनके हाथ में कोई पावर नहीं है। कच्चे कर्मचारी उपभोक्ताओं को कर्मचारी व अधिकारी के पास जाने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं, लेकिन उपभोक्ताओं के लिए बहुत बड़ी परेशानी खड़ी हो रही है। ऐसे हालात में दिनभर चक्कर लगाने के बाद भी उपभोक्ताओं को निराशा होकर अपने गंतव्य को लौटना पड़ता है।
उपभोक्ता बलवीर सिंह, दयाराम, जयकिशन, दयाचंद, जय सिंह व रामकिशन आदि का कहना है कि बिजली निगम के अधिकारी व कर्मचारी कार्य की करने की बजाय उपभोक्ताओं को टरकाऊ नीति अपनाते रहते हैं। उपभोक्ताओं ने विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि कच्चे कर्मचारियों के स्थान पर कार्य के जानकार कर्मचारियों को बैठाया जाए ताकि उन्हें अपने कार्य के लिए बार-बार चक्कर न लगाने पड़े।
ऐसा कुछ नहीं है कर्मचारी अपने कार्य से बचते हैं। फिर भी इन कर्मचारियों को समझा दिया गया है आगे से इस प्रकार की कोई शिकायत नहीं होगी। उपभोक्ताओं का काम प्राथमिकता से किया जाएगा।दीपक कुमार, एसडीओ, बिजली निगम, मंडी अटेली।