पेंशन बहाली संघर्ष समिति पुरानी पेंशनी बहाली की मांग को लेकर 10 दिसंबर को उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेगी। समिति प्रदेश में 2006 के बाद नियुक्त कर्मचारियों व अधिकारियों के लिए 2018 से लगातार पुरानी पेंशन बहाली की मांग कर रही है। इसके लिए प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र धारीवाल व जिला अध्यक्ष सुरेंद्र यादव के नेतृत्व में संघर्ष समिति प्रदेश में लगातार पेंशन आंदोलन चला रही है।
बिजली विभाग के प्रधान सिकंदर यादव ने बताया कि पेंशन बहाली संघर्ष समिति से संबंधित नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम के प्रयास से चार राज्यों राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड और पंजाब में पुरानी पेंशन नीति बहाल हो चुकी है। अन्य कई राज्यों में जल्द बहाल हो सकती है। संघर्ष समिति की राज्य कार्यकारिणी के सदस्यों ने कहा कि गठबंधन सरकार से प्रदेश में आगामी शीतकालीन सत्र में पुरानी पेंशन नीति को बहाल करने की मांग के लिए 10 दिसंबर को सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और नेता विपक्ष को सत्र में पुरानी पेंशन बहाली का प्रस्ताव लाने की मांग की जाएगी।
उन्होंने कहा कि 2019 के विधानसभा चुनाव में पुरानी पेंशन बहाली का वादा करने के बावजूद गठबंधन सरकार प्रदेश के कर्मचारियों से वादाखिलाफी कर रही है। जिसको लेकर प्रदेश के कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है। अगर शीतकालीन सत्र में पुरानी पेंशन बहाल नहीं की जाती तो संघर्ष समिति 26 फरवरी को मुख्यमंत्री आवास का घेराव कर आंदोलन के लिए मजबूर होगी। जिसकी जिम्मेदारी गठबंधन सरकार की होगी।