कनीना। उपमंडल के गांव धनोंदा स्थित रविदास मंदिर में अथर्ववेद पारायण यज्ञ के तीसरे दिन वैदिक यज्ञ किया गया। आचार्य संजीव रूप ने कहा सद्ज्ञान ही गुरु है। जो सन्मार्ग दिखाएं वही सच्चा गुरु है। माता हमारी प्रथम गुरु है तो पिता हमारा दूसरा गुरु है। हमारे बुजुर्ग जो हमें अच्छाई का रास्ता दिखाते हैं और बुराइयों से बचाते हैं वह भी गुरु की श्रेणी में आते हैं। बिना गुरु के जीवन शुरू नहीं होता। हम सबको गुरुओं का आदर करना चाहिए। इस अवसर पर यशपाल शर्मा, कैलाश आर्य, परवीन शर्मा, विजय आर्य, सन्त लाल आर्य पूरन सिंह, भूपेन्द्र सिंह, वृहस्पति शास्त्री आदि मौजूद रहे। संवाद