नारनौल। दक्षिण हरियाणा की जमीन खजूर की खेती के लिए सबसे उपयुक्त है। इसकी खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार किसानों को 1.40 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से अनुदान दे रही है। किसान किन्नू, माल्टा, नींबू, बेर, अमरूद, अनार और खजूर के खेती कर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं। ये बातें कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जयप्रकाश दलाल ने बुधवार को पंचायत भवन में आयोजित जिला लोक संपर्क एवं जन परिवेदना समिति की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहीं।
कृषि मंत्री ने कहा कि रेतीली जमीन में किसान किन्नू, माल्टा, नींबू, बेर, अमरूद, अनार और खजूर वर्ग के पौधे बहुत जल्दी फल देते हैं। महेंद्रगढ़ के गांव मुड़िया खेड़ा, धोलेडा, महरमपुर तथा सुरहेती पिलानिया में किसानों ने बागवानी विभाग के माध्यम से खजूर की खेती शुरू की है। यह योजना दक्षिणी हरियाणा के लिए उत्तम है। इसके तहत एक किसान अधिकतम दस एकड़ तक अनुदान का लाभ ले सकता है। खजूर की बाजार में अच्छी मांग है। कहा कि अब दक्षिण हरियाणा में सरसों व बाजरे के अलावा बागवानी को बढ़ावा दिया जाएगा। किसान सुंदरह के एक्सीलेंस सेंटर में जाकर आधुनिक तकनीक से सब्जी उत्पादन प्रशिक्षण ले सकते हैं। उन्होंने किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ उठाने के लिए 31 जुलाई तक आवेदन करने की अपील की है।
प्रदेश में राइट टू सर्विस एक्ट लागू
जन परिवेदनाओं की सुनवाई करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने सेवाएं तथा योजनाओं को ऑनलाइन कर दिया है। अब प्रदेश में राइट टू सर्विस एक्ट लागू है। इसमें ऑटो अपील सिस्टम कार्य करता है जिसके तहत अधिकारी के काम करने की रेटिंग तैयार होती है। ऐसे में अधिकारी सुनिश्चित करें कि सभी योजनाएं व सेवाएं तय समय में दी जाएं। हरियाणा सरकार नागरिकों को समयबद्ध व गुणवत्ता पूर्वक सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस मौके पर नांगल चौधरी के विधायक डॉ. अभय सिंह यादव, नगर परिषद चेयरपर्सन कमलेश सैनी व बीजेपी के जिला प्रधान राकेश शर्मा मौजूद रहे।