नारनौल। शहर के समीपवर्ती गांव ढाणी किरारोद अफगान जो कि पहले पंचायत में था और अब शहर के वार्ड नंबर एक में आता है। इस गांव में पंचायत के समय 2019 में एक जिम पंचायत फंड से बनाई गई थी।
जिम में पंचायत द्वारा करीब सात लाख रुपए खर्च करके सभी व्यवस्थाओं को स्थापित करवाया गया था। इतना ही नहीं पंचायत ने सुबह शाम इस जिम की देखरेख करने के लिए एक व्यक्ति की भी ड्यूटी लगाई गई थी। जिम में म्यूजिक सिस्टम से लेकर सभी प्रकार के वेट व इंवर्टर- बैटरी आदि भी लगाए गए थे। इसके बाद करीब तीन साल पहले गांव को नगर परिषद में शामिल कर दिया गया बस इसी दिन से इस जिम के दिन खराब होने शुरू हो गए। नगर परिषद में शामिल होने के बाद भी करीब एक साल तक इसमें देखरेख करने वाले व्यक्ति ने अपनी ड्यूटी निभाई। एक साल काम करने के बाद भी जब उसे सेलरी नहीं मिली तो वह उसे छोड़ कर चला गया। इसके कुछ दिनों बाद ही तेज हवा से जिम का शीशा टूट कर गिर गया और इसमें से सामान चोरी शुरू हो गई। जिम में रखे डंबल व बैटरी आदि सहित काफी सामान चोरी हो गया। अब केवल मशीनें रखी हैं, जिसके भी लाेहे के पाई चाेरी हो रहे है।
गांव की सुंदर जिम बदहाल हो गई है और अब इसकी देखरेख करने वाला भी कोई नहीं है। नगर परिषद को चाहिए की जिम को वापस इसका पहले जैसा रूप दे जिससे गांव के बच्चें व युवा व्यायाम कर सके।
अनील कुमार
जिम पंचायत के समय बनी थी इससे गांव के लोगों को बहुत लाभ मिल रहा था। शहरों में जिम के अंदर फीस लगती है यहां निशुल्क बच्चे व युवा जिम करते थे। जब से गांव नगर परिषद में गया है जिम बदहाल हो गई।
जयसिंह।
मैं सरपंच था उस समय 2019 में जिम बनवाई थी। जिम की सारी देखरेख पंचायत करती थी और कर्मचारी भी लगा रखा था। अब नगर परिषद के पास है तो पार्षद ही बता सकते है इसकी स्थिति के बारे में वो क्या रहे है।
आशीष, पूर्व सरपंच
मैंनें जिम के बारे हर बार नगर परिषद में शिकायत दी, लेकिन लंबे समय से समाधान नहीं हो रहा था। अब करीब 15 दिन पहले शिकायत दी थी तो नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी का फोन आया था कि इसके टूटे शीशे का माप लेकर आए इसे फिर से ठीक करवाया जाएगा। जिम को ठीक करवाने के लिए पूरी मेहनत से लगा हुआ हूं।
संजय कुमार, पार्षद वार्ड नंबर एक