हरियाणा राजस्व विभाग के वित्त आयुक्त ने नारनौल तहसीलदार को निलंबित कर दिया है। वित्तीय आयुक्त की ओर से जिला प्रशासन को निलंबन के आदेश भेजे जा चुके हैं। एसडीएम मनोज कुमार द्वारा तहसीलदार की जांच की थी जिसमें वह दोषी पाया गया था। यह मामला जन परिवेदना समिति की बैठक में भी उठा था। भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश ने भ्रष्टाचार को आरोप लगाकर निलंबन की सिफारिश की थी। कुछ दिन पहले जन परिवेदन समिति के चेयरमैन एवं कृषि मंत्री जेपी दलाल ने मुख्यमंत्री से निलंबन की सिफारिश की थी।
बता दें कि पंचायत भवन नारनौल में 26 अगस्त को जन परिवेदना समिति की बैठक थी। बैठक में गांव मुरारीपुर के एक व्यक्ति ने तहसीलदार के खिलाफ इंतकाल न चढ़ाने की शिकायत दी थी। उसने कहा कि वह कई दिन से तहसीलदार के चक्कर काट रहा है लेकिन इंतकाल दर्ज नहीं करवाया जा रहा। इसके बाद भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश शर्मा ने कहा कि वास्तव में तहसीलदार का जनता के प्रति व्यवहार ठीक नहीं है। इसका समर्थन मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने भी किया। साथ ही उसके निलंबन की भी मांग की। तहसीलदार ने मौके पर जिला अध्यक्ष से बदतमीजी भी की थी। इस मौके पर मंत्री ने कहा किसी भी कमेटी का प्रोरोगेटिव(विशेषाधिकार) यह है कि लिखित में शिकायत आने पर ही कार्रवाई होती है। इस प्रकार आपस में लड़ाई करने का कोई मतलब नहीं है। उसके पास जो शिकायतें आएंगी उस पर ही कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान एक व्यक्ति ने तहसीलदार के खिलाफ एसडीएम की जांच चलने की बात बताई। कृषि मंत्री ने एसडीएम मनोज कुमार से जांच के बारे में पूछा। नारनौल एसडीएम मनोज कुमार ने बताया था कि तहसीलदार के खिलाफ कोई जांच थी। अवैध कॉलोनी में प्लाटिंग रजिस्ट्रेशन का मामला था। रजिस्ट्रेशन में एनडीसी लेेनी जरूरी थी। एनडीसी प्लॉट काटे गए वहां की न होकर दूसरी जगह की थी। छह महीने पहले इसकी जांच की थी जिसकी रिपोर्ट डीसी को सौंपी जा चुकी है। उन्होंने सदन में यह भी बताया कि तहसीलदार जांच में दोषी है। इस पर कृषि मंत्री जेपी दलाल ने तहसीलदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के आदेश दिए। बाद में 27 अगस्त को कृषि मंत्री जेपी दलाल ने ट्वीटर के माध्यम से मुख्यमंत्री को तहसीलदार को निलंबित करने की सिफारिश की थी।
जिला अध्यक्ष ने कार्रवाई न होने पर मीटिंग में शामिल नहीं होने की दी थी चेतावनी
जिला अध्यक्ष राकेश शर्मा ने सदन में चेतावनी भरे शब्दों में कहा था कि अगर तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वो आगे जन परिवेदना समिति की बैठक में शामिल नहीं होंगे। बाद में उन्होंने मुख्यमंत्री मनोहर लाल एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ को भी उक्त मामले की जानकारी दी थी।
वित्त आयुक्त ने तहसीलदार विकास को निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं। इसका हमारे पर लेटर आ चुका है। -डॉ. जेके आभीर, डीसी, महेंद्रगढ़।