जिला में प्रदूषण से आमजन की सांसों में घुटन, आंखों में जलन और शरीर में चुभन साथ हिमालय की उत्तरी हवाओं ने इलाके में ठिठुरन बढ़ा दी है। शुक्रवार को क्षेत्र में कोहरा का असर भी देखने को मिला। जिसके सड़कों वाहन रेंगते नजर आए। सक्रिय मौसम प्रणाली पश्चिमी विक्षोभ हरियाणा एनसीआर दिल्ली और विशेषकर जिला महेंद्रगढ़ से जैसे ही आगे निकली वैसे ही संपूर्ण इलाके में ठंड अपने तीखे तेवरों से आगाज करने लगी है। साथ ही संपूर्ण इलाके में सुबह के समय कोहरे की सफेद चादर देखने को मिली। जिसकी वजह से रफ्तार रेंगती हुई नजर आई।
राजकीय महाविद्यालय नारनौल के पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि शुक्रवार को जिला महेंद्रगढ़ में नारनौल और महेंद्रगढ़ का न्यूनतम तापमान क्रमश: 15.0 डिग्री सेल्सियस और 14.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है जबकि नारनौल का अधिकतम तापमान 26 डिग्री व महेंद्रगढ़ का 25.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। पिछले दिनों बारिश की गतिविधियों की वजह से संपूर्ण इलाके में प्रचुर मात्रा में नमी मौजूद होने और रात्रि और सुबह के समय कोहरे का प्रभाव देखने को मिलने लगा है। वहीं कोहरा में पराली जलाने और अन्य मानवीय कारकों की वजह से धुआं और जहरीले प्रदूषकों का कोहरा में मिलने से काफी स्थानों पर स्मॉग भी देखने को मिल रहा है। जिसकी वजह से पिछले दिनों कम हुआ प्रदूषण में एक बार फिर से बढ़ोत्तरी हो रही है। अधिकतर स्थानों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक में गिरावट दर्ज हुई है। जिला महेंद्रगढ़ में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार नारनौल और महेंद्रगढ़ का वायु गुणवत्ता सूचकांक 239 और 245 ख़राब स्थिति में पहुंच गया है। आने वाली 13 नवंबर को उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में एक ताजा कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाला है जिसकी वजह से पूर्वी पाकिस्तान पर एक प्रेरित चक्रवातीय सरकुलेशन बनने जा रहा है जिसकी वजह से पंजाब उत्तरी राजस्थान और उत्तरी हरियाणा के पंजाब से लगते उत्तरी हिस्सों में गरज चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी की गतिविधियां होने की संभावना बन रही है।