फोटो नंबर-26वाल्मीकि सभागार में संविधान का प्रतिज्ञान करते मंच के सदस्य। स्रोत-संस्था
नारनौल। संविधान दिवस पर मंगलवार को परिवर्तनकारी साहित्य मंच द्वारा वाल्मीकि सभागार में संविधान जागृति कार्यक्रम में संविधान से प्राप्त अधिकारों, कर्तव्यों और मौलिक मूल्यों पर चर्चा हुई। मुख्य वक्ता प्रो. शिवताज सिंह ने कहा कि भारतीय संविधान देश को एकता के सूत्र में बांधने वाला और समानता, न्याय व बंधुत्व प्रदान करने वाला विश्व का सर्वाधिक विस्तृत संविधान है। इस अवसर पर सुंदर लाल, प्रो. शिवताज सिंह ताज, रविंद्र सैनी, चंद्रन सिंह जालवान, बलबीर बबेरवाल, महेंद्र बोयत, सरपंच रोशनी देवी और मदनलाल डाड़ैया सहित कई वक्ताओं ने विचार रखे। संवाद