नारनौल। शहर में इन दिनों लोग बारिश नहीं होने के कारण भारी उमस परेशान हैं। वहीं अब नहर नही आने से पेयजल संकट का भी सामना करना पड़ सकता है।
उमस भरी गर्मी में लोगों के लिए जल ही मात्र सहारा है, लेकिन जनस्वास्थ्य विभाग के सभी वाटर टैंक खाली हो जाने से अब कुछ दिन पेयजल की समस्या भी खड़ी है। क्षेत्र में समय पर नहर नहीं आने के कारण नसीबपुर व रेवाड़ी रोड के सभी वाटर टैंक खाली हो चुके हैं। गत 27 जुलाई को जब नहर आई तो वह ठीक से नहीं चल पाई और बीच-बीच में बंद हो जाने के कारण सभी टैंक में पूरा पानी नहीं भरा गया। इस कारण करीब 24 दिन तक पानी की पूर्ति करने वाला नसीबपुर का वाटर टैंक बिल्कुल खाली हो चुका है। वहीं रेवाड़ी मार्ग के टैंक भी खाली होने के कगार पर है। बरसात के इस मौसम में जहां अनेक राज्यों में बाढ़ आ रही है, वहीं जिला महेंद्रगढ़ के सामने आने वाले दिनों में पेयजल समस्या पैदा हो सकती है।
नहर विभाग के अनुसार नहर 5 या 6 अगस्त तक आने की बात कहीं जा रही है। पानी की समस्या को देखते हुए जनस्वास्थ्य विभाग ने भी पानी की बचत करना शुरू कर दिया। टैंकों के खाली होने और नहर में देरी होने के चलते यह समस्या अब क्षेत्र में ज्यादा विकराल रूप ले सकती है। शहर के नसीबपुर वाटर टैंक से आधे से ज्यादा शहर में पानी आपूर्ति की जाती है। वहीं बाकी बचे हिस्सों में रेवाड़ी रोड के वाटर टैंक से पानी सप्लाई किया जाता है। अब जनस्वास्थ्य विभाग चार-पांच दिन किसी न किसी तरह लोगों को जागरूक करके काम चला रहा है।
नहर नहीं आने से वाटर टैंक खाली हो गए हैं। इसे देखते हुए लोग पानी की बचत करे उसकी बर्बादी न करें। हमारे पास साधन है उनसे कुछ पानी की आपूर्ति करने का प्रयास कर रहे हैं। जब तक नहरी पानी न आए तब तक लोग भी पानी की बचत कर हमारा सहयोग करे।
अशोक कुमार डागर, एसडीओ जनस्वास्थ्य विभाग, नारनौल।
शहर में नहर पानी 5 या 6 अगस्त तक आ जाएगा। पेयजल समस्या को देखते हुए प्रयास किया जाएगा की नहर कुछ समय पहले आ जाए।
राजेश वर्मा, एसडीओ नहर विभाग, नारनौल।