मंडी अटेली। नूंह में स्थापित नल्हड़ शिव मंदिर की ब्रज मंडल यात्रा में शामिल हुए अटेली क्षेत्र के छह युवक बड़ी मुश्किल से जान बचाकर घर लौटे हैं। विश्व हिंदू परिषद् के प्रचंड अध्यक्ष गौरव शर्मा ने घर लौटने के बाद बताया कि श्रावण महीने के सोमवार को नल्हड़ शिव मंदिर से हर वर्ष ब्रज मंडल यात्रा निकाली जाती है जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु भाग लेते है। अटेली क्षेत्र से रमेश कुमार, ओमप्रकाश, अजीत सिंह गुजरवास, अरबिन्द,काशी यादव ताजपुर भी पहुंचे थे। गत दिवस विश्व हिंदू परिषद् व बजरंग दल के तत्वावधान में दोपहर एक बजे शिव मंदिर से पूरे काफिले के यात्रा आरंभ हुई थी। उन्होंने बताया कि यात्रा लगभग एक किलोमीटर तक ही पहुंची थी कि उपद्रवियों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। साथ ही फायरिंग भी करने लगे। यात्रा में शामिल महिलाएं व बच्चों की संख्या भी अधिक थी। भागदौड़ कर मंदिर परिसर में जान बचाने की कोशिश की गई, लेकिन मंदिर के भी चारों ओर से उन लोगों ने घेराबंदी कर ली थी। काफी संख्या में वाहनों को आग के हवाले किया गया। शर्मा ने बताया कि शाम 5 बजे तक मंदिर परिसर में रोने चीखने का दौर चलता रहा। बाहर से पत्थर व गोलियों की बौछार हो रही थी। शाम 5 बजे के बाद पुलिस दल पहुंचा। उसके उपरांत सभी श्रद्धालुओं को पुलिस लाइन में लाया गया। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराने का दौर चला। इसके बाद पुलिस की सुरक्षा में केएमपी तक सरकारी वाहनों से छोड़ा गया।
रात भर भूखे पेट दुबके रहे
गांव गुजरवास निवासी अजीत सिंह भी नूंह ब्रज मंडल यात्रा में शामिल होने गया था। उसने बताया कि यात्रा से पहले शिवलिंग पर जलाभिषेक किया था। उसके बाद भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया और यात्रा के लिए निकल पड़े थे। किसी को आभास ही नहीं था कि इस तरह की हिंसा को अंजाम दिया जाएगा। मंदिर परिसर में छुपकर जान तो बचा ली, लेकिन वो पल आंखों से ओझल नहीं हो रहा। रात भर भूखे पेट दुबके रहे। महिलाओं व बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था। पुलिस प्रशासन भी उनकी हरकत व संख्या के आगे बौना साबित हो गया था। अन्य जिलों से अतिरिक्त पुलिस दल पहुंचने के बाद सुरक्षित निकाला गया।
गाड़ी लेने की खुशी में यात्रा में हुए शामिल, गाड़ी जली
गांव ताजपुर निवासी काशी यादव ने अभी कुछ रोज पहले नई आर्टिका गाड़ी ली थी। उसी की खुशी में नल्हड़ शिव मंदिर नूंह में जल चढ़ाने वह परिवार के साथ गया था। जलाभिषेक करने के बाद ब्रज मंडल यात्रा में शामिल हुआ लेकिन उपद्रवियों की हरकत से गाड़ी को आग के हवाले कर दिया गया।
दोखेरा के कांस्टेबल हुआ चोटिल
नांगल चौधरी। गांव दोखेरा निवासी विनोद कुमार की ड्यूटी गुरुग्राम में कांस्टेबल के पद पर थी। वह भी इस हिंसा में घायल हो गया। विनोद के भाई अजय कुमार ने बताया कि उनके भाई की ड्यूटी गुरुग्राम में है। उसे भी कल घटनास्थल पर भेजा गया था, लेकिन रास्ते में पत्थरबाजी होने पर उसके सिर में पत्थर जा लगा, जिससे वह घायल हो गया। उसका मेदांता में उपचार चल रहा है।