लॉकडाउन के दौरान शिक्षा विभाग कक्षा एक से आठवीं तक के शिक्षकों को बाल यौन उत्पीड़न रोकने के बारे में ऑनलाइन प्रशिक्षण दे रहा है। इसमें जिले के करीब 500 शिक्षक भाग ले रहे हैं। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम चॉकलेट एप के माध्यम से दिया जा रहा है। बता दें कि शिक्षा विभाग बाल यौन उत्पीड़न रोकने के लिए कदम उठा रहा है। इसके लिए शिक्षकों को बाल यौन उत्पीड़न रोकने संबंधी प्रशिक्षण देने की योजना बनाई गई थी। अब लॉकडाउन को देखते हुए एससीईआरटी ने इसे ऑनलाइन कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए सभी टीचरों को चॉकलेट एप को डाउनलोड कर पंजीकरण करने को कहा गया था। जिसके बाद जिले के करीब 500 टीचरों ने पंजीकरण कराया है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद गुरुग्राम में शिक्षा तकनीकी विंग के विषय विशेषज्ञ मनोज कौशिक ने बताया कि इस बारे में संबंधित अधिकारियों को पहले ही जानकारी दे गई थी। सभी को चॉकलेट एप पर पंजीकरण करने को कहा गया था। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन ट्रेनिंग कार्यक्रम शनिवार से शुरू हो गया है। इसमें शिक्षकों को पोक्सो एक्ट संबंधी पूरी जानकारी दी जाएगी। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के महासचिव विजय यादव ने बताया कि चॉकलेट एप के माध्यम से बाल अपराध रोकने संबंधी प्रशिक्षण शुरू हो गया और 20 अप्रैल चलेगा। उन्होंने बताया कि हर दिन एक चैप्टर पढ़ना पड़ता है। चैप्टर पूरा होने के बाद ऑनलाइन ही असेसमेंट होता है। इसके बाद ही दूसरा चैप्टर खुलता है। उन्होंने बताया कि इसमें पोक्सो संबंधी हर प्रकार की जानकारी है। इससे टीचरों को बाल अपराध को रोकने में मदद मिलेगी। बीईओ नारनौल केएस बालवान ने बताया कि पोक्सो एक्ट के बारे में टीचरों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण का कार्यक्रम में ब्लॉक के 80 फीसदी टीचर शामिल हो गए हैं। बचे हुए को भी शामिल होने को कहा गया है। बीईओ ने कहा कि इससे बाल अपराध को रोकने में मदद मिलेगी। यह एक अच्छा कार्यक्रम है।