महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में शुक्रवार विश्वविद्यालय अनुदान (यूजीसी) की दो सदस्यीय समिति ने राजभाषाई निरीक्षण किया।
राजभाषाई निरीक्षण की शुरुआत प्रशासनिक अनुभागों के भ्रमण के साथ हुई, जिसमें हिंदी अधिकारी डाॅ. कमलेश कुमारी की अगुवाई में यूजीसी से आए समिति सदस्यों ने क्रमवार प्रशासनिक अनुभागों का दौरा किया। जमीनी स्तर पर लागू विभिन्न प्रयासों को देखने के बाद राजभाषा हिंदी के क्रियान्वयन में प्रयासरत कर्मचारियों को सुझाव दिए। इसके पश्चात विश्वविद्यालय कुलपति के नेतृत्व में समिति सदस्यों ने सभी प्रशासनिक प्रमुखों के साथ बैठक की और विश्वविद्यालय प्रमुखों का मार्गदर्शन किया। दीपक वत्स ने कहा कि विश्वविद्यालय में मुख्यतः राजभाषा नियमों की अनुपालना हो रही है। उन्होंने कहा कि राजभाषा के सफलतम क्रियान्वयन के लिए संबंधित अनुभागों को सुझाव भी दिए गए है। इसी क्रम में डाॅ. शालिनी ने हिंदी अनुवाद के लिए विभिन्न टूल्स के बारे में प्रतिभागियों को अवगत कराया और राजभाषा अधिनियम की धारा 3 (3) व राजभाषा नियम 5 के महत्त्व पर प्रकाश डाला।
यूजीसी की ओर से इस समिति के सदस्य के रूप में संयुक्त सचिव दीपक वत्स व उपसचिव डाॅ. शालिनी उपस्थित रहीं। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने समिति सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अवश्य ही राजभाषाई निरीक्षण समिति के इस दौरे से विश्वविद्यालय स्तर पर राजभाषा नीति के क्रियान्वयन को बल मिलेगा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की समकुलपति प्रो. सुषमा यादव, कुलसचिव प्रो. सुनील कुमार, शोध अधिष्ठाता प्रो. नीलम सांगवान, हिंदी अधिकारी डाॅ. कमलेश कुमारी, हिंदी सलाहकार समिति के संयोजक प्रो. बीरपाल सिंह यादव, परीक्षा नियंत्रक प्रो. राजीव कौशिक सहित विभिन्न प्रशासनिक अनुभागों के प्रमुख उपस्थित रहे।
विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने समिति सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हम लगातार हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए प्रयासरत हैं और इस दिशा में उनके सुझावों की अनुपालना सुनिश्चित की जाएगी। कुलपति ने इस अवसर पर विश्वविद्यालय के द्वारा जारी विभिन्न प्रयासों की जानकारी देने के साथ-साथ अध्ययन, अध्यापन व शोध के स्तर पर हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए उपस्थित समिति सदस्यों को आश्वस्त किया।