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महेंद्रगढ़-नारनौल: अचानक बढ़ा तापमान, गेहूं ओर चने की फसल के लिए प्रतिकूल

Fri, 10 Feb 2023 12:24 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
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नारनौल। जनवरी माह के अंत में हुई हल्की बारिश के बाद मौसम में परिवर्तन के चलते अचानक तापमान बढ़ने से जहां लोगों को ठंड से राहत मिली है। वहीं यह गेहूं व चने की खेती के लिए प्रतिकूल बना हुआ है। फरवरी माह में गत वर्ष के मुकाबले तापमान इस बार करीब पांच से छह डिग्री सेल्सियस अधिक है। दिन का तापमान 25 से 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। तापमान बढ़ने से गेहूं की फसल के लिए नुकसानदेह साबित होगा। ऐसे में किसान भी अपनी फसल को लेकर चिंतित होने लगे हैं। दिनभर हवा चलने से चने की फसल पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
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जिले में इस बार 80 हजार 850 एकड़ में गेहूं की खेती है। गेहूं की अच्छी पैदावार के लिए इस समय तापमान 15 से 17 डिग्री सेल्सियस के आसपास होना चाहिए। जिले में जनवरी माह में पाला गिरने से जहां सरसों की फसल को नुकसान हुआ। वहीं गेहूं की फसल के लिए ठीक रहा क्योंकि जिले में जनवरी माह में तापमान माइनस डिग्री में पहुंच गया था। जनवरी के अंत में बारिश होने से किसानों को खुशी जरूर मिली लेकिन एक सप्ताह बाद ही अचानक तापमान में बढ़ोतरी होने से किसान चिंतित है। फरवरी की शुरूआत से ही तापमान में अचानक बढ़ोतरी होने लगी। इसके चलते कृषि वैज्ञानिकों से लेकर किसानों तक की परेशानी पर पसीना आ गया है। 6 फरवरी को तो दिन का तापमान 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। बढ़े तापमान के चलते गेहूं की फसल पर विपरीत असर पड़ने की आशंका है। किसानों का मानना है कि यदि इसी प्रकार तापमान में वृद्धि हुई तो गेहूं की उत्पादकता में कमी आएगी। खासतौर पर गेहूं की पछेती फसल में काफी नुकसान हो सकता है।
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अचानक बढ़ा तापमान गेहूं की फसल के लिए काफी नुकसानदेह साबित होगा। इस समय तापमान कम रहना चाहिए था, तभी गेहूं का उत्पादन अच्छा होता है। बढ़ते तापमान की वजह से फसल में कीटों के प्रकोप बढ़ने की भी आशंका है। - सुरेंद्र सिंह।
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फरवरी माह में बढ़े तापमान ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। अभी थोड़ी ठंड की आवश्यकता है, बढ़े तापमान से गेहूं की फसल की उत्पादकता कम होने की आशंका है, साथ ही इससे गेहूं की फसल पर बीमारियों के बढ़ने का खतरा बढ़ गया है। -नरेश कुमार।
अचानक बढ़े तापमान का गेहूं की उत्पादकता पर विपरीत असर पड़ेगा। खासतौर पर गेहूं की पछेती फसल पर इसका असर अधिक रहेगा। फरवरी में तापमान में खासी वृद्घि हुई है। किसान अपने फसल में हल्की नमी अवश्य बनाए रखें। -डॉ. सुमित।
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जिले में फसल (प्रति एकड़)
सरसों - 225272
गेहूं- 80850
चना- 10.550
जौ - 575

फरवरी महीने का तापमान
दिनांक न्यूनतम अधिकतम
एक फरवरी 10.5 18.2
दो फरवरी 6.8- 24.0
तीन फरवरी 6.5 25.8
चार फरवरी 6.5 25.0
पांच फरवरी 9.5 - 26.4
छह फरवरी 8.5 29.0
सात फरवरी 14.0 28.8
आठ फरवरी 15.0 - 26.0
नोट-तापमान डिग्री सेल्सियस में।
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