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Mahendragarh-Narnaul News: स्ट्रीट लाइट कमरे में बंद, शहर अंधेरे में

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फोटो नंबर-19शहर में लगाने के लिए नगर परिषद में रखी नई लाइटें। संवाद
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पुनीत भारद्वाज
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नारनौल। शहर के बाजारों व गलियों को रोशन करने के लिए आई नई लाइट करीब चार महीनों से नगर परिषद के कमरों में धूल फांक रही हैं और शहर में अनेक स्थानों पर अंधेरा छाया रहता है। नगर परिषद हाउस की बैठक में पार्षदों द्वारा गत वर्ष दीपावली के समय नई लाइट लगवाने की मांग जोर-शोर से उठाई गई थी। एक वर्ष बीत जाने के बाद अब फिर से दीपावली का त्यौहार आ रहा है, लेकिन लाइट आ जाने के बाद भी अभी इस दीपावली तक इनके लगने की कहीं कोई संभावना नजर नहीं आ रही है।
नगर परिषद में नई लाइट आने के बाद करीब दो महीने तो इसको लगवाने के लिए टेंडर नहीं होने के चलते बीत गए और इसके बाद विधानसभा चुनाव के कारण दो महीने फिर टेंडर नहीं लग पाया, जिस कारण अभी तक ये लाइट शहर में नहीं लग पाईं। रोशनी का पर्व दीपावली अब नजदीक आ रहा है, जिसके चलते हर जगह रंग-बिरंगी लाइट लगाकर रोशनी की जाती है। नगर परिषद में आई लाइट के नहीं लगने से रोशनी के इस पर्व पर कई जगह अंधेरा छाया रह सकता है। नगर परिषद इन लाइट को लगाने में अगर थोड़ी सी गंभीरता दिखाता तो रामलीला के समय ही बाजारों व गलियों में रोशनी हो सकती थी।
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शहर में नई लाइट लगवाने के लिए कुल बजट नौ करोड़ 66 लाख रुपये का है। इसमें करीब चार महीने पहले एक करोड़ तीस लाख रुपये की लाइट आ चुकी हैं और अभी और भी आनी बाकी है। इन लाइट को लगवाने के लिए चार करोड़ 90 लाख रुपये का टेंडर लगाया जाना है, जिसमें इसे लगाने सहित अन्य सारा सामान भी शामिल रहेगा।
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नगर परिषद में रखी लाइट लगवाने के लिए कार्य प्रगति पर है। चुनाव के कारण इस कार्य में देरी हुई। अब आजकल में इसका चार करोड़ 90 लाख रुपये का टेंडर लगा दिया जाएगा। प्रयास किया जाएगा कि दीपावली से पहले कार्य शुरू हो जाए, लेकिन टेंडर लगाने के बाद काफी औपचारिकताएं होती है।
-सुंदरसिंह श्योराण, एक्सईएन नगर परिषद, नारनौल।
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