फोटो संख्या:66- गांव मोलड़नाथ मंदिर में कथा सुनते श्रद्धालु--स्रोत-- आयोजक
कनीना। बाबा मोलड़ नाथ मंदिर में एक सप्ताह तक चलने वाले श्रीमद्भागवत कथा के का सातवें दिन हवन व भंडारे का आयोजन कर समापन किया गया। श्रीकथा के समापन पर सहयोग देने वालों को कमेटी के द्वारा सम्मानित किया गया।
कथा व्यास दाशानू दास आचार्य प्रवेश शर्मा ने कहा कि हवन से वातावरण एवं वायुमंडल शुद्ध होने के साथ-साथ व्यक्ति को आत्मिक बल मिलता है। व्यक्ति में धार्मिक आस्था जागृत होती है। दुर्गुणों की बजाय सद्गुणों के द्वार खुलते हैं। उन्होंने बताया कि भागवत कथा के श्रवण से व्यक्ति भव सागर से पार हो जाता है। इसके श्रवण मात्र से व्यक्ति के पाप पुण्य में बदल जाते हैं।
कथावाचक राधा किशोरी ने कहा कि प्रसाद तीन अक्षर से मिलकर बना है। पहला प्र का अर्थ प्रभु, दूसरा सा का अर्थ साक्षात व तीसरा द का अर्थ होता है दर्शन। जिसे हम सब प्रसाद कहते हैं। मनुष्य शरीर भी भगवान का दिया हुआ सर्वश्रेष्ठ प्रसाद है। कथा समापन पर विधिविधान से पूजा करवाई। दोपहर तक हवन और भंडारा कराया गया। शहर से आए श्रद्धालुओं ने भी हवन में आहुति डाली। पूजन के बाद दोपहर को भंडारा लगाकर प्रसाद बांटा गया। इस मौके पर ठेकेदार अशोक, दीपक चौधरी, राजेंद्र, अनिल, दीपक, दिनेश यादव, राजेंद्र सिंह, अनिल कुमार, इंद्रजीत, शिव कुमार, लाल सिंह, पवन कुमार, सोनू यादव, सतीश कुमार, सुनील मौजूद रहे।