महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के संकाय सदस्यों प्रो. आकाश सक्सेना, डॉ. मुनीश मानस और डॉ. राजेश कुमार दुबे ने सौर निगरानी प्रणाली को पेटेंट प्राप्त हुआ है। इस प्रणाली का उद्देश्य सौर संयंत्रों के महत्वपूर्ण मापदंडों और विशेषताओं को मापना, डेटा संग्रह, निदान और प्रसंस्करण की सुविधा प्रदान करना है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के संकाय सदस्यों की उनके नवाचार के लिए सराहना की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय नेशनल सोलर मिशन (एनएसएम) और द नेशनल मिशन फॉर ग्रीन इंडिया (जीआईएम) सहित जलवायु परिवर्तन पर केंद्रित भारत की राष्ट्रीय कार्य योजना पर शोध व अनुसंधान करने के लिए कटिबद्ध है।
प्रो. आकाश सक्सेना ने बताया कि यह प्रणाली इनवर्टर, इलेक्ट्रोमीटर, मेट्रोलॉजिकल उपकरण और फोटोवोल्टिक एरे सहित अन्य घटकों के साथ संचार स्थापित करती है, जिससे सौर ऊर्जा उत्पादन की दक्षता और प्रबंधन में वृद्धि होती है। इसमें अत्याधुनिक डेटा संग्रह प्रौद्योगिकियों पर आधारित एक विशेष डेटा लॉगर बीबीबॉक्स की सुविधा भी है। इसके माध्यम से ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ वहन एवं प्रबंधन के क्षेत्र में बड़े एवं सकारात्मक बदलाव आएंगे।
निगरानी और नियंत्रण में हुआ सफल अनुप्रयोग :
उन्होंने बताया कि 155 किलोवाॅट फोटोवोल्टिक प्रणाली की निगरानी और नियंत्रण में इसका सफल अनुप्रयोग इस प्रणाली की एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। इसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सॉफ्टवेयर पीवीजीआईएस के पांचवें संस्करण का प्रयोग किया गया है। इस प्रणाली में त्रुटियों को पहचानने और सुधारने की क्षमता है, जिससे फोटोवोल्टिक एरेज का निरंतर संचालन सुनिश्चित होता है। यह सौर निगरानी प्रणाली भारत के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों में योगदान देने के लिए हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।