नारनौल के बस स्टैंड पर हस्ताक्षर अभियान कर्मचारी।
नारनौल। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चे के बैनर तले भाजपा व जजपा सरकार द्वारा 265 मार्गों पर असीमित प्राइवेट बस परमिट देने के विरोध में सांझा यूनियन ने दो दिवसीय हस्ताक्षर अभियान चलाया। इसमें हजारों की संख्या में आम जनता, छात्र व छात्राओं ने पूरे जोश के साथ हस्ताक्षर करके सरकार की प्राइवेट बस परमिट का विरोध किया।
प्राइवेट परमिट देने की मांग न तो जनता की है और न रोडवेज कर्मचारियों की है। सांझा यूनियन के सदस्यों ने कहा कि सरकार प्रस्तावित प्राइवेट बस परमिट पॉलिसी को तुरंत वापिस ले ओर 10 मार्च व 23 जून की परिवहन मंत्री द्वारा मानी गई मांगो को लागू करे। जिसमे मुख्य रूप से परिचालकों, चालको, लिपिकों व कर्मशाला के कर्मचारियों की सभी प्रकार की वेतन विसंगति को दूर किया जाए। ग्रुप डी के कर्मचारियों को कॉमन कैडर से बाहर करके प्रमोशन दी जाए, 2003 भर्ती के चालकों को नियुक्ति तिथि से पक्का करके पुरानी पेंशन योजना में शामिल किया जाए, 2016 में भर्ती हुए चालकों व दादरी डिपो के 52 हेल्परों सहित सभी प्रकार के कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए। सांझा नेताओं द्वारा सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार परमिट पॉलिसी को वापिस व मानी गई मांगो को लागू नही किया तो प्रदेश भर के रोडवेज कर्मचारी करनाल में 26 नवंबर को मुख्यमंत्री आवास प्रदर्शन करेंगे। वहीं 28 दिसंबर को एकदिवसीय हड़ताल करेंगे। इस अभियान में रोडवेज कर्मचारी यूनियन से नारनौल डिपो प्रधान अनिल भीलवाड़ा, उप प्रधान देवव्रत सीहोर, सचिव संजय नीरपुर, मिनिस्टर स्टाफ से प्रधान यजुवेंद्र क्लर्क, ऑल हरियाणा परिवहन कर्मचारी संघ से प्रधान जितेंद्र शयाना, सचिव नरेश, चेयर मैन महेश, संयुक्त कर्मचारी संघ से प्रधान मुकेश, इंटक से स्टेट प्रेस वक्ता विजय, जागृति से प्रधान प्रीतम बागड़ी, सचिव सुरेंद्र वकील, हरियाणा परिवहन कर्मचारी संघ से प्रधान सुंदर बेवल, उप प्रधान युद्धवीर फौजी, सचिव मौजूद रहे।