फोटो नंबर-06कथा के दौरान भागवत पूजन करते यजमान। स्त्रोत-आयोजक
नारनौल। शहर के समीपवर्ती गांव डोहर खुर्द में संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन शनिवार को पंडित बजरंग शास्त्री ने बताया कि श्रीमद्भागवत साक्षात नारायण का स्वरूप है। मुक्ति प्रदाता है।
बताया कि परिवार का पालन पोषण करना हमारा धर्म है, लेकिन हर एक श्वांस में प्रभु का नाम स्मरण होता रहे। यही मानव जीवन का परम धर्म है। हम सभी को निस्वार्थ भक्ति करनी चाहिए। भगवान नारायण की आज्ञा से ब्रह्मा जी ने सृष्टि का निर्माण किया। इसके उपरांत ब्रह्मा जी ने अपने शरीर से सृष्टि के पहले पुरुष मनु और स्त्री शतरूपा महारानी को प्रकट किया। इसके बाद नरसिंह अवतार कथा को वर्णन करते हुए बताया कि भगवान अपने भक्तो के लिए कुछ भी करने के लिए तैयार ही जाते हैं।