फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mahendragarh-Narnaul News: अव्यवस्थाओं को लेकर फिर चर्चा में आई श्री गोपाला गोशाला

विज्ञापन
विज्ञापन
नारनौल। कड़ाके की ठंड के बीच शहर की प्राचीन व सबसे बड़ी श्री गोपाल गोशाला अपनी अव्यवस्थाओं लेकर एक बार फिर चर्चाओं है। सर्दी में बेजुबान गोवंश की पीड़ा गोशाला में जाकर देखी जा सकती है। साफ-सफाई के अभाव में कड़ाके की ठंड में गाेवंश के वार्ड में कीचड़ व पानी फैला रहता है, जिस कारण गोवंश गीले में बैठने को मजबूर हैं। गोशाला की अव्यवस्था को लेकर दो-तीन दिन पहले एक वीडियो भी वायरल हुई थी, जिसके बाद टीम ने गोशाला की पड़ताल की। इस दौरान गोशाला में एक गाय हाल ही में जन्मे अपने बछड़े के साथ गीले में अन्य गायों के साथ पड़ी थी। नवजात बछड़ा ठंड से ठिठुर रहा था। इसके बाद टीम ने गोशाला में गोवंश के चारे की व्यवस्था देखी, लेकिन दोपहर 12 बजे तक एकाध वार्ड को छोड़कर सभी वार्ड की खोर खाली पड़ी हुई थी। गोशाला में समय पर देखरेख नहीं होने के कारण पूरी गोशाला में अव्यवस्था बनी हुई तथा गायों को सर्दी से बचाए रखने के भी इंतजाम नहीं है।
विज्ञापन


गोशाला की हैं सैकड़ों दुकानें
शहर की श्री गोपाल गोशाला अपने आप में पूरी तरह संपन्न है। इस गोशाला की सैकड़ों दुकानें है जो कि किराए पर हैं और अनेक स्थानों पर जमीन है। इसके अलावा गोशाला में चंदा भी आता रहता है लेकिन इसके बाद भी इस गोशाला की स्थिति इन दिनों दयनीय बनी हुई। गोशाला की जमीन व दुकानों को लेकर ही लोगों में इसका पदाधिकारी बनने की लालसा रहती है और सेवा भाव को दरकिनार कर दिया जाता है।

सात साल एडहॉक कमेटी के अधीन रही गोशाला की देखरेख
श्री गोपाल गोशाला का चुनाव सात साल प्रशासन की एडहॉक कमेटी अधीन रहने के बाद अभी चार महीने पहले ही हुआ है। चुनाव के दौरान गोशाला के विभिन्न पदों पर खड़े पदाधिकारियों ने गो-सेवा के लिए बड़े-बड़े दावे कर इसके सदस्यों से वोट मांगे थे, परंतु आज चार महीने बीत जाने के बाद जो स्थिति प्रशासन के अधीन रहते हुए एडहॉक कमेटी के समय थी अब उससे भी खराब हो रही है। मगर पदाधिकारी अब गोशाला में आकर भी नहीं देख रहे हैं।
विज्ञापन


नई कार्यकारिणी ने गोशाला में लगाए कई तरह के प्रतिबंध
श्री गोपाल गोशाला की कार्यकारिणी बनने के बाद गोशाला में कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। गोशाला में आठ-दस लोगों की टीम जोकि प्रतिदिन सुबह सेवा करने आती थी। उक्त लोगों ने बताया कि जब गोशाला प्रशासन के अधीन थी तो वे रोज आकर गायों के सेवा के अलावा चक्की चलाकर गेहूं पीस देते थे और गायों को गुड़ खिला देते थे। परंतु जब से चुनाव हुए है तब से उस कमरे को ताला लगा दिया गया, जिसमें गायों के लिए खाने का सामान रखा रहता है। उन्होंने कहा कि अब ऐसे में चारा समय पर नहीं डालने व सुबह भी कुछ नहीं देने से गाय तो भूखी ही रहेगी। गोशाला सेवा में करने के लिए आने वाले इन लोगों ने बताया कि सर्दी में इस समय तीन-चार गाय रोज मर भी रही है। इसके अलावा गोशाला कमेटी द्वारा फोटो लेने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।

वह सुबह-शाम जाकर गोशाला की व्यवस्था में सुधार हो सके, वह करवाते हैं। सर्दी से गायों को बचाने के लिए गोशाला में तिरपाल लगाए गए हैं। इसके अलावा दवाइयों की पूरी व्यवस्था है। गोशाला का क्षेत्र काफी बड़ा है। इसलिए कुछ कमियां है। जल्द ही उनको भी दूर किया जाएगा। अन्य पदाधिकारी भी अपनी जिम्मेदारी समझते हुए समय निकाल कर गोशाला की व्यवस्था बनाने में अपना सहयोग दे। ताकि गोशाला की व्यवस्था और बेहतर हो सके।
विज्ञापन

-रामकुमार भोजावासिया, प्रधान श्री गोपाल गोशाला।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें