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Mahendragarh-Narnaul News: कर्मचारियों का टोटा, सफाई व्यवस्था बदहाल

Tue, 24 Sep 2024 12:56 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
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फोटो नंबर- 10सफाई के अभाव में अटेली के अंदर लगा कूड़े का ढेर। संवाद
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मंडी अटेली।
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क्षेत्र के विभिन्न गांवों की आबादी को देखते हुए लगाए गए सफाई कर्मचारियों की संख्या बहुत कम है।
अब सफाई कर्मचारियों के अभाव में गांवों की सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। इससे स्वच्छ भारत अभियान भी सफल होता नजर नही आ रहा। नालियां कूड़े से अटी पड़ी है, दूषित पानी के जमावड़े से न केवल दुर्गंध पैदा हो रही है बल्कि गर्मी के मौसम में मक्खी-मच्छर इत्यादि का प्रकोप भी बढ़ने लगा है।
नियमानुसार 1500 की आबादी वाले गांव में एक सफाई कर्मचारी तैनात होना चाहिए। 2500 की आबादी वाले गांव में दो कर्मचारियों को लगाया गया है, लेकिन गांव कांटी, खेड़ी, बिहाली, बाछौद, सागरपुर आदि 5000 की आबादी के गांव है, इनमें मात्र दो ही सफाई कर्मचारी लगे हुए हैं। ऐसे में गांव की सफाई पूर्णरूप से नहीं हो रही।
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अटेली नांगल खंड के अंतर्गत 43 गांव लगते हैं जिनमें 68 सफाई कर्मचारी तैनात किए हुए हैं। गांवों की आबादी को देखते हुए ये सफाई कर्मचारी सफाई व्यवस्था को सुचारू बनाने में असफल साबित हो रहें हैं। गत वर्ष प्रशासन की ओर से घर घर कूड़ा कर्कट उठाने के लिए ट्रैक्टर ट्राॅली लगाई हुई थी, लेकिन उनकी अनियमितताओं के कारण ग्राम पंचायत उनसे संतुष्ट नही थी। इस बार ग्राम पंचायतों के पास सरकार व प्रशासन की ओर से इस बारे कोई दिशा निर्देश नही हैं, इसके कारण गांव के सरपंच भी असमंजस की स्थिति में थे। गांव में घरेलू कूड़ा उठाने के लिए पंचायती तौर पर ट्रैक्टर ट्राॅली की व्यवस्था कर दी गई, लेकिन नालियों की सफाई करने वाले कर्मचारी अपनी मनमानी से कार्य कर रहे हैं, इसके कारण सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। पंचायती प्रतिनिधि विधानसभा चुनाव के जोड़ तोड़ में लीन है। क्षेत्र के नागरिकों ने सरकार व प्रशासन से सफाई कर्मचारियों की संख्या आबादी के हिसाब से बढ़ाने की मांग की है ताकि गांवों को स्वच्छ रखा जा सके।
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