नारनौल। नहरी पानी अंतिम टेल तक पहुंचाने के लिए शहबाजपुर डिस्ट्रीब्यूटरी का दोबारा निर्माण करवाया जाएगा। इसके लिए विभाग की तरफ से टेंडर भी लगाया गया है। साथ ही कमानिया माइनर, मेघोत माइनर और दोस्तपुर माइनर का भी शुरू होगा।
अभी शहबाजपुर डिस्ट्रीब्यूटरी ईंटों से बनाई गई हैं, जो जगह-जगह से टूटी हुई हैं। इसकी वजह से शहबाजपुर डिस्ट्रीब्यूटरी के अंतिम टेल तक पानी नहीं पहुंच पाता है। नारनौल से शहबाजपुर डिस्ट्रीब्यूटरी की दूरी करीब 23 किलोमीटर है, वहीं इस डिस्ट्रीब्यूटरी से कमानिया माइनर, मेघोत माइनर, अलीपुर माइनर व दोस्तपुर माइनर निकाली गई हैं। इसमें से अलीपुर माइनर का बीते कुछ माह पहले पुन: निर्माण करवा दिया गया था। ऐसे में अंतिम टेल तक पानी जाने से नांगल चौधरी क्षेत्र में गिरते भूजल स्तर में सुधार देखने को मिलेगा। किसान भी रबी फसल की बेहतर पैदावार ले सकेंगे। सिंचाई विभाग लगातार नहरी पानी की मदद से गांवों में बने जोहड़ों को भर रहा है, जिससे भी अनेक गांवों में भूजल स्तर में सुधर देखने को मिला है।
शहबाजपुर डिस्ट्रीब्यूटरी 8.69 करोड़ की लागत से ईंटों की जगह अब कंक्रीट की बनाई जाएगी। इसके लिए विभाग ने टेंडर भी लगा दिया है। आदर्श आचार संहिता हटने के बाद कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
अंतिम टेल तक पानी जाने से किसानों को होगा फायदा
शहबाजपुर डिस्ट्रीब्यूटरी का पुन: निर्माण होने से किसानों को भी फायदा मिलेगा। अभी नांगल चौधरी में भूजल स्तर काफी नीचे जा चुका है, जिसकी वजह से ज्यादातर किसान बारिश पर ही निर्भर रहते हैं। क्योंकि नहरी पानी अंतिम टेल तक नहीं पहुंच पाता है, अब पुन: निर्माण होने से अंतिम टेल तक पानी पहुंच सकेगा।
शहबाजपुर डिस्ट्रीब्यूटरी के दोबारा निर्माण के लिए 8.69 कराेड़ रुपये में टेंडर लगाया गया है। इसमें कमानिया, मेघोत और दोस्तपुर माइनर का कार्य भी किया जाएगा।
राजेश वर्मा, एसडीओ सिंचाई विभाग नारनौल।