नारनौल। पिछले 6 माह से लिंगानुपात में जिले में सुधार देखने को मिल रहा है। इस साल अब तक भ्रूण जांच करने वालों के खिलाफ भी स्वास्थ्य विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। इसका नतीजा है कि लिंगानुपात की दिशा में जिला सुधार कर रहा है। 6 माह पहले तक जिले का लिंगानुपात 842 था। यानी एक हजार लड़कों के पीछे केवल 842 लड़कियां था लेकिन जून में यह बढ़कर 888 हो गया है। यानी 46 लड़कियां ज्यादा पैदा हुई है। इसका श्रेय स्वास्थ्य विभाग की टीम का जाता है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार लिंगानुपात बढ़ाने को लेकर अपने कार्यक्रम चलाता रहता है। महेंद्रगढ़ जिला जनवरी माह में लिंगानुपात के मामले में प्रदेश भर में 19वें स्थान पर था, जो अब आगे बढ़कर 17वें स्थान पर आ गया। जिले में दो कदम की छलांग लगाई है। यदि इसी प्रकार से सुधार हुआ तो जल्द ही जिला टॉप टेन जिलों में भी शुमार हो जाएगा।
इस साल अब तक तीन एफआईआर दर्ज करवाई
स्वास्थ्य विभाग द्वारा भ्रूण लिंग जांच करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इस साल अब तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा तीन एफआईआर दर्ज करवाई है। इसमें एक राजस्थान के झुंझनू, एक महेंद्रगढ़ और तीसरी एफआईआर अटेली में दर्ज करवाई गई है।
महेंद्रगढ़ का लिंगानुपात
साल लिंगानुपात
2014 738
2015 809
2016 847
2017 881
2018 898
2019 916
2020 902
2021 932
2022 907
2023 अब तक 888
भ्रूण लिंग जांच करने वालों के खिलाफ विभाग सख्त कार्रवाई कर रहा है। इस साल अब तक तीन रेड कर तीन एफआईआर दर्ज करवाई है। आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। लिंगानुपात में लगातार सुधार हो रहा है।
-डॉ. हर्ष चौहान, डिप्टी सीएमओ।