नारनौल। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमनदीप दीवान की विशेष अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी विकास उर्फ विक्की को दोषी करार देते हुए मृत्यु तक आजीवन कारावास और 51 हजार जुर्माने भरने की सजा सुनाई है।
इस मामले में अटेली थाना पुलिस ने वर्ष 2020 में अभियोग पंजीबद्ध किया था। मामले की सुनवाई अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमनदीप दीवान की फास्ट ट्रैक कोर्ट में हुई। न्यायालय में सुनवाई के दौरान उप जिला न्यायवादी भारत भूषण दहिया ने मामले में अभियोजन के पक्ष में प्रभावशाली पैरवी करते हुए न्यायाधीश के सम्मुख दलीलें पेश करते हुए आरोपी को सजा दिलाने में भूमिका निभाई। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने मामले को संगीन मानते हुए दोषी की सजा में कोई नरमी नहीं बरती।
मामले के अनुसार वर्ष 2020 में अटेली थाने में नाबालिग पीड़िता की माता ने पुलिस को शिकायत दर्ज करवाई थी। जिसमें शिकायतकर्ता महिला ने बताया था कि दिनांक 20 नवंबर 2020 को शाम के समय उसकी नाबालिग बेटी दुकान पर सामान लेने के लिए गई थी। जब काफी समय बाद वह वापस नहीं आई तो वह उसे देखने के लिए दुकान के पास पहुंची, उसी समय उसकी लड़की दौड़कर उसके पास आई और रोने लगी। शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी ने उसकी लड़की के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था। शिकायत पर थाना अटेली पुलिस द्वारा बिना किसी विलंब के अभियोग अंकित किया गया। इसके बाद नाबालिग के मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान करवाए गए तथा जांच इकाई द्वारा महत्वपूर्ण साक्ष्यों का आंकलन कर अभियोग में प्रभावी कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के सम्मुख पेश किया गया। न्यायालय ने अभियोग में सुनवाई करते हुए आरोपी विकास उर्फ विक्की को मृत्यु तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई व कुल 51 हजार का जुर्माना लगाया है।