फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना वायरस के संदिग्धों की सूचना पर टीम भेजने में आनाकानी, मांगा स्पष्टीकरण

विज्ञापन
अस्पताल में मरीज फाइल फोटो - फोटो : AMAR UJALA
विज्ञापन
मंडी अटेली। अटेली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कोरोना महामारी के दौरान डॉक्टरों की ड्यूटी में लापरवाही बतरने का मामला सामने आया है। इस पर सिविल सर्जन नारनौल ने अटेली के प्रवर चिकित्सा अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है। सिविल सर्जन नारनौल द्वारा जारी स्पष्टीकरण में कहा गया हैं कि तीन मार्च की रात सवा नौ बजे कोरोना हेल्पलाइन पर गांव ताजपुर के सरपंच ने फोन किया कि उनके गांव के पास 10-15 मुस्लिम समुदाय के व्यक्ति हैं। इनमें से कोई तब्लीगी जमात का भी संदिग्ध हो सकता है। इनकी जांच कराई जाए। आरोप हैं कि अटेली के ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने हेल्थ टीम को भेजने में आनाकानी की। संबंधित ने पुलिस कार्रवाही कराने की बात कहीं जबकि यह कार्य हेल्थ विभाग कर सकता था। टीम को तत्काल मौके पर भेजने में कानाकानी की गई। इसके बाद संबंधित को फोन किया गया लेकिन नहीं उठाया। जब डॉ. विजय यादव से बात की तो उन्होंने बताया कि रेवाड़ी घर पर है। जबकि, कोरोना महामारी को देखते हुए सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को मुख्यालय न छोडऩे के आदेश हैं। डॉ. विजय ने यह भी बताया कि 24 घंटे ड्यूटी करने के बाद दो दिन की छुट्टी पर हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अटेली में कार्यरत सभी चिकित्सा अधिकारी ऐसा कर रहे हैं। जारी पत्र में कहा गया है कि इस महामारी में डॉक्टरों व पैरामेडिकल हर समय कार्य कर रहे हैं। वहीं अटेली में ऐसा नहीं हो रहा है। चिकित्सा अधिकारी महीने में केवल 10 ही ड्यटियां कर रहे हैं जो की घोर अनियमितता व लापरवाही है। सिविल सर्जन ने पत्र में यह भी लिखा कि जिन चिकित्सा अधिकारियों को ड्यूटी पश्चात दो दिन का अवकाश दिया गया है, उन अवकाश को अर्जित अवकाश में बदल कर अधिकारियों को तुरंत ड्यूटी पर लौटने के आदेश दें। उन्होंने स्पष्टीकरण का जबाव दो दिन के अंदर-अंदर देने को कहा है। इस पर सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार खुलकर नहीं बोले। उन्होंने कहा कि रुटिन के तहत किया गया कार्य है। दूसरी ओर गांव के सरपंच इंद्रजीत ने बताया कि हेल्पलाइन पर फोन किया था। रात साढ़े दस बजे चिकित्सकों की टीम पहुंची थी। मुस्लिम समुदाय के लोगों की जांच की थी। रिपोर्ट निगेटिव आने पर उन्हें सुरक्षित भेज दिया गया।  -- 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें