उपायुक्त डा. जय कृष्ण आभीर ने सभी शिकायतों को अधिकारी प्राथमिकता के आधार पर दूर करने के निर्देश दिए। वे शुक्रवार को लघु सचिवालय में हुडा सेक्टर वासियों की शिकायतों के संबंध में हुडा, अन्य विभागीय अधिकारियोंं को संबोधित कर रहे थे।
डीसी ने कहा कि हुडा सेक्टर में अधिकतर शिकायतें सीवरेज लीकेज व सफाई व्यवस्था दुरुस्त न होने की होती है। इसका लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण कमेटी में भी विषय बना रहता है। अधिकारी किए हुए कार्य को नोट करें, जिससे संपन्न हुए कार्य से हम आमजन को अवगत करवा सकें तथा चल रहे कार्य की जानकारी देने में सक्षम हो सकें। उन्होंने कहा कि सड़क के दोनों तरफ की झाड़ियां शहर का सौंर्दयकरण खराब करती है, उन्हें हटवाया जाए। उन्होंने आमजन सेे अपील की है कि घर के बाहर बनी ग्रीन बैल्ट के माध्यम से वाहनों के आवागमन में दिक्कत आती है वहीं दूसरी तरफ दुर्घटना की भी संभावना बनी रहती है। सेक्टर वासियों का दायित्व बनता है कि अतिक्रमण की जगह को स्वयं ही खाली करले वही दूसरी तरफ खाली पड़े प्लाट की सफाई भी करवाना सुनिश्चित करें। इस अवसर पर पार्कों की सफाई व पार्कों में लगे पेड़ों की कटाई पर चर्चा की गई। उन्होंने पानी की मिसिंग लाइन या सीवरेज का लीकेज या सड़क का रिपेयर की पहचान कर कार्य पूरा करने पर वहां से मलबा भी हटाएं। सामान की मात्रा व गुणवता पर विशेष ध्यान दें, जिससे किए हुए कार्य पर किसी प्रकार में शक की गुंजाइश न रहे। इस अवसर पर नगराधीश डॉ. मंगलसेन, नगर परिषद कार्यकारी अभियंता अंकित वशिष्ठ, जन स्वास्थ्य विभाग से कार्यकारी अभियंता सूर्यकांत मौजूद थे।
विकास कार्यों से संबंधित कार्यों के लिए जिला स्तरीय समन्वय कमेटी का गठन
लघु सचिवालय में विकास कार्यों से संबंधित कार्यों के लिए जिला स्तरीय समन्वय कमेटी का गठन किया गया। इस कमेटी के अधिकारी आपस में पत्राचार के अतिरिक्त व्हाट्सएप ग्रुुप बना कर विकास कार्यों से संबंधित कार्य की जानकारी का आदान प्रदान करेंगे। यह निर्देश डीसी ने अधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए दिए। डीसी ने कहा कि लोक निर्माण विभाग, जन स्वास्थ्य विभाग, बिजली वितरण निगम, वन विभाग व सिंचाई विभाग आपस में समन्वय समूह का ग्रुप बनाए ताकि कार्य बिना बाधा के समय पर हो सके।
सूचना आने पर चरणबद्घ तरीके से होगा काम
उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि सड़क बनाने का कार्य है सड़क बनने के बाद कोई बिजली या सिवरेज की लाइन डाली जाती है तो बनी हुई सड़क को तोड़ना पड़ता है। इसलिए आपसी जानकारी रहेगी तो चरणबद्घ कार्य होगा। आपसी सहयोग से ग्रुप में अधिकारियों को हुए कार्य की जानकारी होगी, वहीं अगले कार्य का अधिकारी अपने विभाग से होने वाले कार्य की जानकारी डाल देगा। उन्होंने कहा कि समन्वय बैठक भी समय-समय पर होगी। व्हाट्सएप ग्रुुप के माध्यम से महेंद्रगढ़ या नारनौल का कार्यभार होने की दिक्कत भी दूर होगी।