सतनाली। गांव सुरेहती पिलानिया के तीन कांवड़ियों की सड़क हादसे में हुई मौत के बाद गांव में मातम छा गया। जब तीन शवों को एक साथ उठाया गया तो पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया। तीनों साथियों का गांव के शमशान घाट में एक साथ अंतिम संस्कार किया गया है। वहीं ग्रामीणों ने सामूहिक फैसला लिया कि दूसरी डाक कांवड़ गांव में नहीं चढ़ाई जाएगी। वो दूसरी जगह ही अपनी कांवंड़ चढाएंगे। गांव में पहली बार इतना बड़ा हादसा हुआ है। इससे पहले 2002 में गांव के दो पहलवानों की राजस्थान में सड़क हादसे में मौत हुई थी।
गांव सुरेहती पिलानिया का 15-16 लोगों का एक ग्रुप डाक कांवड़ लेने के लिए हरिद्वार गए हुए थे। शुक्रवार की सुबह लगभग चार बजे कांवड़ियों की पिकअप आगे चल रहे वाहन से टकरा गई। इस हादसे में प्रवीण (33), सज्जन (33), कपिल (27) की मौके पर मौत हो गई जबकि आठ लोग गंभीर रूप से घायल है जिनका उपचार रोहतक पीजीआई और खानपुर मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। गांव में जब सुबह इसकी सूचना लगी तो पूरे गांव में मातम छा गया। परिजनों का रो-राे कर बुराहाल हो गया। तीनों शवों को एक साथ उठाया तो उस समय हर आदमी की आंखें नम हो गई थीं। तीनों का एक ही शमशान घाट में दाह संस्कार किया गया। इस अवसर पर पूर्व शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा, जिला पार्षद बाबा वचनाई नाथ, राकेश तंवर बसई, सवाई सिंह राठौड़, सरपंच एसो. के प्रधान प्रियमोहन, सुरेहती पिलानिया के सरंपच राजेंद्र सिंह, कंवर सिंह यादव सहित पूरे गांव के लोग उपस्थित रहे।
बचपन में ही उठ गया था पिता का साया
प्रवीण अपने माता-पिता का इकलौता लड़का था और उसकी एक बहन हैं। जब वह छोटा था तो पिता महेंद्र की मौत हो गई थी। उसके बाद मां ने मजदूरी और खेतीबाड़ी कर उसका पालन पोषण किया था। प्रवीण शादीशुदा था और उसके दो बच्चे हैं। उसकी एक लड़की दस साल की व लड़का सात साल का है। प्रवीण खेतीबाड़ी का कार्य करता था। वहीं सज्जन चार भाई-बहनों में तीसरे नंबर का था। वह मजदूरी का कार्य करता था और अविवाहित था। इसके अलावा कपिल मजदूरी का कार्य करते था वो तीन भाई थे। कपिल विवाहित था और उसके पांच साल का एक लड़का और तीन साल की लड़की है।
आज 12 बजे तक चढ़ानी थी कांवड़
मृतक कपिल की वीरवार की रात को उसके ताऊ के लड़के रोहित से व्हाट्सअप पर बातचीत हुई थी। कपिल ने मैसेज में बताया था कि वो रात 9 बजे तक रोहतक पहुंच जाएंगे और दोपहर 12 बजे तक गांव पहुंचकर शिव मंदिर में कांवड़ चढ़ा देंगे। रोहित ने बताया जब उसको सुबह हादसे की सूचना लगी तो बिल्कुल यकीन नहीं हुआ था लेकिन उसको क्या पता था कि भाई से उसकी यह अंतिम बात हो रही है।