गांव पाली में महेंद्रगढ़ खंड के 22 सरपंचों की संयुक्त बैठक का आयोजन कर ग्रामीण क्षेत्र की समस्याओं के समाधान को लेकर मंथन किया गया। वहीं सरपंचों ने आईएमटी प्रोजेक्ट, मेडिकल कॉलेज, बदहाल सड़कों की दशा सुधार पर मंथन किया। गांव पाली के सरपंच देशराज फौजी की अध्यक्षता में पाली गांव में हुई बैठक में ई-टेंडरिंग प्रक्रिया का विरोध करते हुए डीसी से ज्ञापन सौंपने का विचार किया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि आईएमटी प्रोजेक्ट को पूरा कराने के लिए सभी सरपंच सहयोग करेंगे तथा इस प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाएंगे। सरपंच देशराज फौजी ने कहा कि जिले को सड़क मार्गों के माध्यम से अन्य जिलों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी के लिए आवाज उठाएंगे। सरपंचों ने कहा कि ई टेंडरिंग प्रणाली शुरू की है जिसमें सरपंच सिर्फ दो लाख रुपये तक के कार्य गांव में करवा सकता है। इसके ऊपर के सभी कार्य ई टेंडरिंग के माध्यम से होंगे। यानी कि ठेकेदार सरकार की मर्जी के होंगे। हमें कोई भी कार्य को सिरे चढ़ाने के लिए लगभग 2 वर्ष का समय लगेगा।
हकीकत तो यह है कि सरकार की मंशा साफ नहीं है। अगर सरकार की मंशा साफ है तो पिछले 2 वर्ष का समय सरकार के हाथों में था। कोई बताए कि पिछले 2 वर्ष से यह ई टेंडरिंग प्रणाली कहां थी। इस अवसर पर गांव पाली के सरपंच देशराज फौजी, भुरजट के सरपंच मैनपाल सिंह, धौली के झांखड़ी अमित, चितलांग से सरपंच हरिओम, आदलपुर से मनोज कुमार, बास खुडाना से रतन, गढ़ी से कर्मवीर, लावन से कुलदीप, मालड़ा बास से विजय सिंह, निंबी से विक्रम सिंह सहित अनेक गांवों के सरपंचों ने भाग लिया।