पिछले सात दिनों से सफाई कर्मचारियों के हड़ताल पर होने के कारण शहर के मुख्य सड़कों एवं बाजारों में 100 टन से अधिक कूड़ा-कचरा बिखरा पड़ा है। दीपावली पर्व पर सफाई कर्मचारियों ने शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए काले झंडे लेकर सरकार विरोधी नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। सफाई कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने के बावजूद भी नपा द्वारा सफाई के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था तक नहीं की गई।
सफाई कर्मचारी प्रधान पूर्ण कुमार ने बताया कि सफाई कर्मचारी 26 अक्तूबर तक हड़ताल पर रहने का निर्णय लिया गया है अगर सरकार ने मांगे नहीं मानी तो हड़ताल को अनिश्चितकालीन समय के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है। मंगलवार को सफाई ठेकेदार द्वारा जब बुलडोजर की सहायता से कुछ स्थानों पर कचरा उठाकर ट्रॉली में डाला जा रहा था तो सफाई कर्मचारियों ने काम बंद करा दिया। शहर से प्रतिदिन 14 टन कचरा निकलता है जबकि दीपावली पर्व पर और अधिक कचरा व जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए।
नपा ने नहीं की है कोई वैकल्पिक व्यवस्था
शहर के बस स्टैंड के सामने, सिनेमा रोड, नहर विभाग कार्यालय, सैैनीपुरा, लाला वाला कुआं, भगवान परशुराम चौक, नगर पालिका कार्यालय, गोशाला रोड के अलावा शहर के मुख्य बाजारों में गंदगी फैली हुई है। वहीं कर्मचारियों के पिछले सात दिन से हड़ताल पर रहने के बावजूद भी नपा द्वारा अभी साफ सफाई को लेकर कोई वैकल्पिक व्यवस्था तक नहीं की गई है। विरोध प्रदर्शन में राहुल, देवा, सन्नी, विकास, सम्मी, सुमित, शकुंतला, संतोष, संजीत, राजेश, विशाल, वीरू, संदीप, निर्मला, बीना, विमला, रज्जो, कमलेश, धनश्याम, शारदा, सतीश, मोहर सिंह, नसीब, धूप सिंह, कविता, आशु, देवानंद, दीपिका, खुशविंद्र, मुकेश सहित दमकल विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।